
Lucknow, 1 जून . उत्तर प्रदेश के Police महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि बीते सात-आठ वर्षों में प्रदेश में अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है और Chief Minister योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति, साइबर अपराध नियंत्रण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित Policeिंग और सड़क सुरक्षा अभियानों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया है.
Police महानिदेशक राजीव कृष्ण ने Monday को बीते एक वर्ष की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आने वाले समय में Police बल को एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी तथा Police मुख्यालय में साइबर सुरक्षा को और सशक्त बनाने के लिए केंद्रीय स्तर पर एक अत्याधुनिक साइबर सेंटर स्थापित किया जाएगा. Police मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी ने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं के अनुरूप पिछले एक वर्ष में उत्तर प्रदेश Police ने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध रोकथाम, तकनीक-आधारित Policeिंग और Police कल्याण के क्षेत्र में व्यापक उपलब्धियां हासिल की हैं.
उन्होंने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद दस प्रमुख प्राथमिकताएं निर्धारित की गई थीं, जिनके आधार पर पूरे वर्ष Policeिंग को अधिक जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और नागरिक केंद्रित बनाया गया. डीजीपी के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रदेश में 93 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि दर दर्ज की गई. एक वर्ष के दौरान 32,071 मामलों में अदालतों ने फैसला सुनाया, जिनमें 29,911 मामलों में दोषसिद्धि हुई. कुल 42,681 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई, जिनमें 18 मामलों में मृत्युदंड और 3,340 मामलों में आजीवन कारावास की सजा शामिल है.
उन्होंने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत 5,684 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और करीब 788 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां जब्त की गईं. वहीं, माफिया और संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत 336 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्तियों को जब्त, ध्वस्त या कब्जामुक्त कराया गया.
राजीव कृष्ण ने कहा कि महिला सुरक्षा के क्षेत्र में मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. प्रदेश के सभी थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के संचालन के लिए लगभग 13,500 Policeकर्मी तैनात किए गए हैं. केंद्रों की स्थापना के बाद बलात्कार, महिलाओं और बच्चियों के अपहरण, दहेज हत्या तथा घरेलू हिंसा के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है.
साइबर अपराध नियंत्रण को उपलब्धियों का प्रमुख आधार बताते हुए डीजीपी ने कहा कि Lucknow के कल्ली पश्चिम में स्थापित साइबर क्राइम कॉल सेंटर की क्षमता 20 सीटों से बढ़ाकर 80 सीटें कर दी गई है, और इसे 200 सीटों तक विस्तारित करने की योजना है. राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से 400 करोड़ रुपए से अधिक की संदिग्ध धनराशि फ्रीज कराई गई, जबकि 1.11 लाख मोबाइल नंबर और 1.22 लाख आईएमईआई ब्लॉक किए गए.
उन्होंने बताया कि साइबर प्रशिक्षण के मामले में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर रहा. आई4सी के साइ-ट्रेन पोर्टल के माध्यम से 65 हजार से अधिक Policeकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया. अब अगले चरण में Police मुख्यालय स्तर पर एक केंद्रीय एडवांस साइबर सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां आधुनिक साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर जांच से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे.
तकनीक आधारित Policeिंग का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने कहा कि Chief Minister द्वारा दिसंबर 2025 में लॉन्च किए गए एआई आधारित ‘यक्ष’ ऐप ने अपराधियों की पहचान, गैंग विश्लेषण, बीट मॉनिटरिंग और जटिल मामलों की जांच में Police को नई क्षमता प्रदान की है. उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए शुरू की गई ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सड़क दुर्घटनाओं में 7.43 प्रतिशत और मौतों में 11.55 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. इस पहल से लगभग 450 लोगों की जान बचाने में सफलता मिली.
भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही संगठित अपराध, माफिया नेटवर्क और उनसे जुड़े व्हाइट कॉलर अपराधियों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने के लिए वित्तीय एवं तकनीक आधारित जांच को और मजबूत किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश Police का लक्ष्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों, हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों और आर्थिक तंत्र पर भी निर्णायक प्रहार कर प्रदेश में सुरक्षित, भयमुक्त और न्यायपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना है.
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विकेटी/डीकेपी
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