
Mumbai , 2 जुलाई . Actor जायद खान धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इन दिनों वह हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘India भाग्य विधाता’ को लेकर चर्चा में हैं. इस फिल्म में उन्होंने 26/11 Mumbai आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब का किरदार निभाया है. को दिए इंटरव्यू में जायद ने बताया कि शुरुआत में वह इस किरदार को करने के लिए तैयार नहीं थे. उनकी मां भी नहीं चाहती थीं कि मैं ये रोल निभाऊं.
से बात करते हुए जायद खान ने कहा, ”जब मुझे फिल्म में अजमल कसाब का किरदार निभाने का ऑफर मिला, तो मेरी पहली प्रतिक्रिया ‘ना’ कहने की थी. यह किरदार मेरे लिए सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी था. कसाब देश के सबसे नफरत किए जाने वाले लोगों में से एक है और मैं खुद भी उससे नफरत करता हूं. ऐसे में अपने करियर की शुरुआत में इतनी नकारात्मक छवि वाले व्यक्ति का किरदार निभाना मुझे काफी डराने वाला लगा.”
जायद ने कहा, ”मेरा अभिनय करियर अभी शुरू ही हुआ है और मैं लगातार यह सोच रहा था कि कहीं इस किरदार की वजह से मेरी पहचान हमेशा एक नकारात्मक Actor के रूप में न बन जाए. मुझे इस बात की भी चिंता थी कि दर्शक मुझको इस भूमिका से जोड़कर देखने लगेंगे. उस समय मेरे मन में कई तरह के सवाल और डर थे, क्यों मेरे लिए मेरी छवि काफी मायने रखती है.”
Actor ने बताया, ”इसी उलझन के दौरान मैंने अपने मेंटर सत्य सभरवाल से बात की, जिनके साथ मैं पहले एक जी5 प्रोजेक्ट में काम कर चुका हूं. मैंने अपनी सारी आशंकाएं उनके सामने रखीं. उन्होंने मुझे समझाया कि एक सच्चे Actor का काम किसी किरदार को जज करना नहीं, बल्कि उसे पूरी ईमानदारी के साथ पर्दे पर निभाना होता है. अगर अभिनय अच्छा होगा तो लोग कलाकार की मेहनत और उसके काम को याद रखेंगे, न कि इस बात को कि उसने किस तरह का किरदार निभाया था. यह बातें प्रेरणादायक साबित हुई और इसके बाद मैंने इस भूमिका को स्वीकार करने का फैसला किया.”
जायद खान ने कहा, ”मेरी मां इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं थीं. वह चाहती थीं कि उनका बेटा ऐसे किरदार निभाए जिन्हें देखकर लोग खुश हों और जिन्हें दर्शक सकारात्मक नजरिए से पसंद करें. लेकिन मैंने इसके बावजूद अपने अभिनय पर भरोसा रखा. मैंने तय किया कि मैं इस किरदार को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाऊंगा, ताकि दर्शक मेरे अभिनय को देखें, न कि केवल किरदार की नकारात्मक छवि को.”
जायद ने कहा, ”एक Actor के लिए हर किरदार एक नई चुनौती लेकर आता है. कई बार कलाकार को ऐसे लोगों की भूमिका भी निभानी पड़ती है, जिनसे समाज नफरत करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि Actor उस व्यक्ति के विचारों या कामों का समर्थन करता है. कलाकार का उद्देश्य सिर्फ कहानी को सच्चाई के साथ दर्शकों तक पहुंचाना होता है. इसलिए मैंने भी इस भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाने की कोशिश की.”
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पीके/पीएम
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