
लुसाका, 13 अगस्त . जाम्बिया में President चुनाव के लिए Thursday को वोटिंग जारी है. इस बीच मौजूदा President हाकाइंडे हिचिलेमा को अपने दिवंगत Political प्रतिद्वंद्वी और पूर्व President एडगर लुंगु की विरासत का सामना करना पड़ रहा है. लुंगु का 2025 में निधन हो गया था, लेकिन उनकी Political छाप अब भी चुनावी माहौल में स्पष्ट दिखाई दे रही है.
हिचिलेमा और लुंगु के बीच लंबे समय से Political टकराव रहा है. लुंगु के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार और पार्थिव शरीर को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था. लुंगु का परिवार चाहता था कि अंतिम संस्कार Government के नियंत्रण से बाहर हो. विपक्षी नेता ब्रायन मुंडुबिले, जो टोंसे अलायंस और लुंगु के समर्थकों के साथ हैं, ने सत्ता में आने पर लुंगु के अवशेषों को वापस लाकर उन्हें सम्मानजनक तरीके से दफनाने का वादा किया है.
स्थानीय मीडिया हाउस न्यूज डिगर्स ने बताया कि हिचिलेमा दूसरी बार President पद के लिए मैदान में हैं. उनके समर्थक Government की आर्थिक उपलब्धियों को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं. Government का दावा है कि उसने महंगाई को घटाकर करीब 6.5 प्रतिशत किया, मुफ्त शिक्षा को आगे बढ़ाया और विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफलता हासिल की है.
हालांकि, आम मतदाताओं के लिए रोजमर्रा की आर्थिक मुश्किलें अब भी बड़ी चिंता का विषय हैं. खाद्य असुरक्षा, आय में धीमी वृद्धि और जीवन-यापन की ऊंची लागत ने Government की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच असंतोष पैदा किया है. यही असंतोष हिचिलेमा की दोबारा सत्ता में वापसी की राह को मुश्किल बना सकता है.
विपक्ष ने Government पर Police के हस्तक्षेप और गिरफ्तारियों के जरिए Political दबाव बनाने के आरोप भी लगाए हैं. वहीं हिचिलेमा प्रशासन इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने कार्यकाल में मीडिया की स्वतंत्रता में सुधार का दावा करता है.
जाम्बिया के निर्वाचन आयोग के अनुसार, करीब 88 लाख मतदाता अपने मतों का प्रयोग कर रहे हैं. इसमें युवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
हिचिलेमा का अभियान युवाओं को आकर्षित करने के लिए छात्र आवास भत्ते जैसे कदमों पर जोर दे रहा है. ऐसे में चुनाव केवल मौजूदा Government के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह नहीं, बल्कि लुंगु की Political विरासत और उनके समर्थकों के प्रभाव की भी परीक्षा बन गया है.
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केआर/
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