
Lucknow, 3 जून . उत्तर प्रदेश की Governor आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना नवाचार, उद्यमिता और युवाशक्ति के बल पर ही साकार होगा. उन्होंने कहा कि देश का युवा अब नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बन रहा है और यही नए India की पहचान है. उत्तर प्रदेश निवेश, स्टार्टअप और नवाचार का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है, जहां हजारों स्टार्टअप नई अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन की धुरी बन रहे हैं.
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री इंडिया द्वारा आयोजित ‘India स्टार्टअप शिखर सम्मेलन-2026’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए Governor ने कहा कि India आज आकांक्षाओं, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के नए युग में प्रवेश कर चुका है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी योजनाओं ने युवाओं को उद्यमिता की नई राह दिखाई है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से 2026 के बीच देश में 2.30 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप स्थापित हुए हैं और 120 से अधिक यूनिकॉर्न अस्तित्व में आए हैं. इसी का परिणाम है कि India अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. उन्होंने कहा कि 73 हजार से अधिक स्टार्टअप में महिला निदेशक कार्यरत हैं, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है.
Governor आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे सक्रिय स्टार्टअप राज्यों में शामिल है. प्रदेश में 13 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिन्हें 76 से अधिक इनक्यूबेटर्स का सहयोग मिल रहा है. राज्य Government इनक्यूबेटर्स की संख्या बढ़ाकर 100 करने की दिशा में कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 हजार से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें 7,800 से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश Government युवा उद्यमियों को प्रारंभिक चरण में आर्थिक सहायता, सीड फंडिंग, प्रोटोटाइप अनुदान और विपणन सहायता उपलब्ध करा रही है. राज्य ने वर्ष 2014 से अब तक 8.6 बिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग आकर्षित की है, जबकि 1,000 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स स्टार्टअप्स को वित्तीय मजबूती प्रदान कर रहा है.
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि Lucknow को देश की पहली एआई सिटी के रूप में विकसित करने की योजना उत्तर प्रदेश की दूरदर्शी सोच का प्रमाण है. यह पहल प्रदेश को भविष्य की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय अब केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं रह गए हैं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान और रोजगार सृजन के सशक्त केंद्र बन चुके हैं. प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में वर्तमान में 1,533 स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें से 1,180 स्टार्टअप डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध संस्थानों से जुड़े हैं.
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल व्यवसायिक इकाइयां नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और सपनों को साकार करने के माध्यम हैं. उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि उनमें कुछ नया करने का साहस, कठिन परिश्रम का जज्बा और सृजन का संकल्प है तो यही समय आगे बढ़कर इतिहास रचने का है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की ताकत उसकी समृद्ध परंपरा और आधुनिक नवाचार का संगम है. मुरादाबाद का पीतल उद्योग, भदोही के कालीन, गोरखपुर की टेराकोटा कला, Lucknow की चिकनकारी और मेरठ के खेल उपकरण जैसे उत्पाद प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूत कर रहे हैं. ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना ने इन पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़कर स्थानीय उद्यमिता को नई उड़ान दी है.
Governor ने कहा कि विकसित India का निर्माण तभी संभव होगा जब देश के युवा तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके सृजनकर्ता बनें. प्रत्येक युवा को यह विश्वास होना चाहिए कि उसका विचार भी दुनिया बदलने वाला स्टार्टअप बन सकता है. यही आत्मविश्वास India को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की सबसे बड़ी शक्ति है.
–
विकेटी/डीकेपी
Skip to content