बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए योगी सरकार अलर्ट, बोले-हर प्रभावित तक समय पर पहुंचे मदद

Lucknow, 20 जुलाई . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ हो या सूखा, प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, किसानों की फसल और आमजन की आजीविका की रक्षा करना प्रदेश Government की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समयबद्ध सहायता पहुंचाई जाए. Chief Minister Monday को प्रदेश में अनियमित वर्षा से उत्पन्न दोहरी चुनौती, एक ओर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखे की आशंका और दूसरी ओर अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में संभावित बाढ़, के दृष्टिगत आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रत्येक जनपद की स्थिति अलग है, इसलिए राहत एवं बचाव की रणनीति भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाए. Chief Minister ने कहा कि जिन जनपदों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, वहां कृषि गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए. नहरों, जलाशयों, राजकीय नलकूपों तथा अन्य उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

बोआई एवं सिंचाई के रियल टाइम आंकड़ों की नियमित समीक्षा कर किसानों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए. जहां वर्षा की कमी के कारण बोआई प्रभावित होने की आशंका है, वहां कृषि एवं सिंचाई विभाग संयुक्त कार्ययोजना बनाकर तत्काल राहत उपलब्ध कराएं.

Chief Minister ने कहा कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही अधिक वर्षा वाले जिलों में बाढ़ राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी सतर्कता के साथ संचालित की जाएं. राहत आयुक्त कार्यालय का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहे तथा प्रत्येक घंटे की अद्यतन जानकारी Chief Minister कार्यालय, Police महानिदेशक कार्यालय और संबंधित राहत एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाए.

राज्यस्तरीय डैशबोर्ड पर प्रत्येक जनपद की स्थिति नियमित रूप से अद्यतन की जाए. Chief Minister ने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील जनपदों में अगले तीन दिनों के भीतर सभी राहत शिविर पूरी तरह तैयार कर लिए जाएं. राहत शिविरों में ताजा एवं पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं. बच्चों के लिए डेयरी के माध्यम से दूध उपलब्ध कराया जाए. महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों तथा गर्भवती महिलाओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए. राहत सामग्री किट गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक हो.

Chief Minister ने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां सामान्य नावों के साथ बड़ी नौकाओं की भी व्यवस्था की जाए. प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ की सेवाएं व्यापक रूप से ली जाएं तथा प्रत्येक जिलाधिकारी स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग करें. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, Police, राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन एवं स्थानीय प्रशासन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें.

आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि, जनहानि आदि के संबंध में मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग तथा नेपाल से प्राप्त जलस्तर संबंधी सूचनाओं का सतत विश्लेषण करते हुए समय रहते आवश्यक निर्णय लिए जाएं तथा संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित आबादी को पूर्व सूचना देकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए. Chief Minister ने तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि उनकी चौबीसों घंटे निगरानी एवं नियमित पेट्रोलिंग कराई जाए.

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कारणों के साथ अराजक तत्वों द्वारा भी तटबंधों को नुकसान पहुंचाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए. जहां कटान अथवा रिसाव की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. राहत सामग्री, नाव, मोटरबोट तथा अन्य आवश्यक संसाधनों से संबंधित सभी टेंडर एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य प्रभावित न हों.

Chief Minister ने पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पशुओं को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों में न रहने दिया जाए. मौसम के अनुरूप संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए पशुओं का समयबद्ध टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जाए. बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के चार जनपदों की चार तहसीलों के 42 गांव प्रभावित हैं, जहां 332 लोग प्रभावित हुए हैं.

वर्तमान में बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी तथा मुजफ्फरनगर प्रभावित जनपद हैं. राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 1,412 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं. 549 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है, 55 नाव एवं मोटरबोट राहत कार्यों में लगाई गई हैं तथा 1,096 बाढ़ शरणालय संचालित हैं. प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

बैठक में यह भी बताया गया कि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील 44 जनपदों में व्यापक पूर्व तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 1,694 राहत शरणालय चिन्हित किए गए हैं, जिनमें लगभग 5.14 लाख लोगों को आश्रय देने की क्षमता है. सभी जनपदों में कंट्रोल रूम सक्रिय हैं तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व से तैनात कर दी गई हैं.

पशुधन की सुरक्षा के लिए 910 पशु शरणालय स्थापित किए गए हैं तथा आवश्यक टीमें भी तैनात हैं. Chief Minister ने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए नदियों का चैनेलाइजेशन कार्य निरंतर जारी रखा जाए, जिससे जल प्रवाह सुचारू रहे और कटान व जलभराव की स्थिति न्यूनतम हो. उन्होंने यह भी कहा कि अग्नि दुर्घटना में यदि किसी गरीब परिवार का आवास नष्ट होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर Chief Minister आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराया जाए. नगर क्षेत्रों में खुले मैनहोल को तत्काल ढकने तथा जनसुरक्षा से जुड़े सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए जाएं.

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