
Lucknow, 30 जुलाई . Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश Government समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है. इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कुष्ठ रोग से उपचार के बाद दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी है.
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 13 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल गया है.
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में योजना के तहत कुल 13,734 कुष्ठजनित दिव्यांगजन को लाभान्वित किया गया है. इस अवधि में Government द्वारा 1231.17 लाख रुपए (12.31 करोड़ रुपए) की धनराशि व्यय की गई है. पात्र लाभार्थियों को 3,000 रुपए प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है.
कुष्ठावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य ऐसे दिव्यांगजन एवं कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनके परिवार की आय उनके भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है. यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सम्मानजनक जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. योजना के अंतर्गत कुष्ठ रोग के कारण किसी भी स्तर की दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्ति पात्र हैं.
इस योजना में दिव्यांगता का प्रतिशत पात्रता में बाधक नहीं है. पात्रता के लिए संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र आवश्यक है. इसके अतिरिक्त आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो, उसके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक न हो तथा वह किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त न कर रहा हो.
उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि Chief Minister योगी की मंशा के अनुरूप विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा कोई भी पात्र आवेदक इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना से वंचित न रहे.
–
डीकेपी/
Skip to content