स्वस्थ जीवन का आधार, बढ़ती उम्र में फिट और एक्टिव रहने का मंत्र है योगासन: पूनम ढिल्लों

New Delhi, 10 जून . विश्व योग दिवस 2026 के आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, जिसे लेकर India Government का आयुष मंत्रालय योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही लगातार लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील कर रहा है. इसी कड़ी में मंत्रालय विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के प्रेरणादायक वीडियो भी पोस्ट कर रहा है. मंत्रालय ने Actress पूनम ढिल्लों का एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह योग के महत्व पर अपने विचार रखती नजर आईं.

आयुष मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “उम्र बढ़ना जीवन की एक स्वाभाविक और सुंदर सच्चाई है, लेकिन स्वस्थ, मजबूत और लचीला बने रहना हमारे अपने हाथ में है.” मंत्रालय ने बताया कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गई है. इस थीम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि नियमित योग अभ्यास बढ़ती उम्र में भी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

वहीं, पूनम ढिल्लों ने पोस्ट किए वीडियो में बताया, Prime Minister Narendra Modi के प्रयासों के कारण 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक मान्यता मिली है. उम्र बढ़ना जीवन का एक अटल सच है और हर व्यक्ति चाहता है कि बढ़ती उम्र के साथ वह न केवल अच्छा दिखे बल्कि स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय भी बना रहे.

पूनम ढिल्लों ने कहा कि योग एक ऐसा माध्यम है, जो बढ़ती उम्र में भी शरीर की लचक, गतिशीलता और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद करता है. वास्तविकता है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने का एक प्रभावी तरीका है. उन्होंने कहा कि योग हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देता है.

Actress ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं. उन्होंने ‘योग 365’ का संदेश देते हुए कहा कि योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए निरंतर अपनाई जाने वाली आदत है.

उन्होंने देशवासियों से 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया. पूनम ढिल्लों ने कहा कि योग को अपनाकर लोग न केवल बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि बढ़ती उम्र में भी सक्रिय और खुशहाल जीवन जी सकते हैं.

एमटी/डीकेपी