
सना, 8 अगस्त . यमन के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें सना और होदेइदाह हवाईअड्डों पर ईरानी विमानों की कथित अनधिकृत लैंडिंग को यमन की “संप्रभुता का उल्लंघन” बताया है. सुरक्षा परिषद ने हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों की भी निंदा की है.
सरकारी समाचार एजेंसी सना के हवाले से जारी बयान में यमनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा परिषद की ओर से यमन की संप्रभुता पर जोर दिया जाना Government के उस रुख को मजबूत करता है कि राज्य की संस्थाओं को बहाल करना और देश के सभी हिस्सों में उनका अधिकार स्थापित करना ही यमन में सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने का ‘सही रास्ता’ है.
मंत्रालय ने कहा कि हूती विद्रोहियों के लगातार हमले और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए उनके खतरे को देखते हुए सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है.
यमनी विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों तक हथियारों, सैन्य तकनीक और सैन्य विशेषज्ञता की आपूर्ति रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया.
बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यमन की सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने की अपील की गई, ताकि वे देश की संप्रभुता की रक्षा करने के साथ-साथ उसके तटों, क्षेत्रीय जलक्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें.
यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष का असर सिर्फ देश की आंतरिक स्थिति तक सीमित नहीं है. लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा की है.
Thursday को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन में एक साथ बड़े हमले किए थे.
पहला हमला यमन Government के मिलिट्री ठिकानों पर किया गया था, जिसमें 58 सैनिकों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए. यमन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सही समय और सही जगह पर जवाब दिया जाएगा.
दूसरा हमला सऊदी के नजरान में हुआ था, जिसमें 11 नागरिक घायल हुए थे. इनमें 7 सऊदी, एक यमनी, दो मिस्र के, एक Pakistanी नागरिक था. हमलों के बाद नजरान के कई हिस्सों में आग लग गई थी.
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केआर/
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