
Bengaluru, 20 जुलाई . कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे पर अपनी टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने Monday को कहा कि वे वरिष्ठ भाजपा नेता का बहुत सम्मान करते हैं और यदि उनके बयानों से किसी को ठेस पहुंची हो तो खेद व्यक्त करते हैं.
यह विवाद Bengaluru के पास बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव करते हुए बालकृष्ण की टिप्पणियों से उपजा है, जिसका भाजपा और जेडीएस ने भूमि अधिग्रहण संबंधी चिंताओं को लेकर कड़ा विरोध किया है.
शोभा करंदलाजे को निशाना बनाते हुए बालकृष्ण ने कथित तौर पर कहा कि यह परियोजना उनके ‘यजमान’ (पति/स्वामी/नेता) द्वारा शुरू की गई थी. करंदलाजे अविवाहित हैं, और इस टिप्पणी को व्यापक रूप से पूर्व Chief Minister बीएस येदियुरप्पा की ओर अप्रत्यक्ष इशारा माना गया, जिन्हें अक्सर उनका Political गुरु माना जाता है.
एक बयान में, बालकृष्ण ने कहा कि उन्होंने शोभा करंदलाजे को आदरपूर्वक ‘शोभक्का’ (बड़ी बहन शोभा) कहकर संबोधित किया था और ‘यजमान’ (गुरु/नेता) और ‘निम्मा साहेबरु’ (आपके नेता) जैसे शब्दों का प्रयोग केवल Political इतिहास के संदर्भ में किया था.
उन्होंने कहा कि 2010 में बिदादी टाउनशिप परियोजना की पुन: निविदा प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने इन शब्दों का प्रयोग भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा की भूमिका को स्वीकार करने के लिए किया था, जिन्होंने उनके अनुसार शोभा करंदलाजे को एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता से मंत्री पदों तक पहुंचाया और राजनीति में उन्हें प्रमुखता दिलाई.
बालकृष्ण ने कहा कि मैंने हमेशा उन्हें एक वरिष्ठ नेता के रूप में सम्मान दिया है. ‘साहब’ और ‘यजमान’ शब्दों का प्रयोग केवल उनकी Political पृष्ठभूमि और उन नेताओं के साथ उनके जुड़ाव के संदर्भ में किया गया था जिन्होंने उनके Political करियर को आकार देने में मदद की.
उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में लोगों को निष्कर्ष निकालने से पहले बयानों के पीछे के इरादे और संदर्भ को समझना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को टिप्पणियों का उचित संदर्भ में अर्थ निकालना चाहिए. यदि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है या किसी की भावनाओं को आहत हुई है, तो मैं इसके लिए पूर्ण खेद व्यक्त करता हूं.”
बालकृष्ण द्वारा करंदलाजे के बारे में की गई पिछली टिप्पणियों पर हो रही आलोचनाओं के बीच यह स्पष्टीकरण आया है, जिसने Political बहस और social media पर तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की थीं.
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एमएस/
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