ईरान संघर्ष के असर से निपटने के लिए मिस्र को 1 बिलियन डॉलर देगा वर्ल्ड बैंक

New Delhi, 9 मई . ईरान संघर्ष का असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ा है. हालात मिस्र के भी ठीक नहीं हैं. यही वजह है कि आर्थिक झटकों से निपटने के लिए विश्व बैंक ने कुल 1 बिलियन डॉलर (अतिरिक्त तीन सौ मिलियन डॉलर) फंड देने के फैसले पर मुहर लगाई है.

वर्ल्ड बैंक के मिस्र, यमन और जिबूती के निदेशक स्टीफन गिम्बर्ट ने कहा कि यह पैकेज क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता और युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक झटकों से निपटने में मदद करेगा.

इजिप्ट इंडिपेंटेड मीडिया आउटलेट के अनुसार, इस सहायता राशि में वर्ल्ड बैंक की ओर से 800 मिलियन डॉलर (7,200 करोड़ रुपए) और ब्रिटेन की तरफ से 200 मिलियन डॉलर (1,800 करोड़ रुपए) की गारंटी शामिल है. इस पैकेज को मंजूरी Friday को दी गई थी.

गिम्बर्ट के मुताबिक पहले वर्ल्ड बैंक की हिस्सेदारी 500 मिलियन डॉलर (4,500 करोड़ रुपए) तय थी, लेकिन ईरान युद्ध और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया और 800 मिलियन डॉलर की राशि तय की गई. विश्व बैंक यह फंडिंग बाजार दरों की तुलना में काफी आसान शर्तों पर दे रहा है. इस पर करीब 6 प्रतिशत ब्याज होगा, जबकि कर्ज चुकाने की अवधि 30 साल रखी गई है. वहीं शुरुआती समय में भुगतान से राहत भी मिलेगी.

यह सहायता तीन चरण वाले कार्यक्रम का दूसरा हिस्सा है. पहला चरण जून 2024 में मंजूर हुआ था, जबकि तीसरा चरण अगले साल प्रस्तावित है. रिपोर्ट के मुताबिक, एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दे सकती हैं.

मिस्र में यूके के राजदूत, मार्क ब्रायसन-रिचर्डसन ने कहा कि इस ऑपरेशन से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी और मिस्र का सतत विकास होगा जिससे आम मिस्रवासियों को फायदा होगा.

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