नारी शक्ति अब सिर्फ नारा नहीं बल्कि देश की है ताकत: डिप्टी सीएम पवन कल्याण

अमरावती, 16 अप्रैल . आंध्र प्रदेश के उपChief Minister पवन कल्याण ने Thursday को महिलाओं के सशक्तीकरण और राजनीति में उनकी भागीदारी को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक 2026 का लाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है. इस बिल के जरिए विधायी संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा.

पवन कल्याण ने कहा कि उनकी पार्टी जन सेना हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण के लिए खड़ी रही है. उन्होंने याद दिलाया कि 2019 के चुनाव में भी उनकी पार्टी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया था. उनके अनुसार, यह सिर्फ एक Political वादा नहीं है बल्कि समान अवसर और सही प्रतिनिधित्व देने की सोच है.

उन्होंने अपने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज India हर क्षेत्र में नारी शक्ति की बढ़ती ताकत का जश्न मना रहा है. इस राष्ट्रीय बदलाव को दर्शाते हुए आर वैशाली ने साइप्रस में महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया है. वह महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप में भाग लेने का अधिकार हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं.”

उन्होंने कहा, “शतरंज के बोर्ड से लेकर ओलंपिक पोडियम तक, भारतीय महिलाएं देश को प्रेरित करती आ रही हैं चाहे वह India की President श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा शासन और लोक सेवा को दी गई मजबूती हो या India के अंतरिक्ष अभियानों में रितु करिधल द्वारा प्रदर्शित वैज्ञानिक उत्कृष्टता हो या फिर खेल के क्षेत्र में पीवी सिंधु द्वारा ओलंपिक में देश का गौरव बढ़ाना हो, मीराबाई चानू द्वारा ऐतिहासिक उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाना हो या निखत जरीन द्वारा विश्व बॉक्सिंग मंच पर अपना दबदबा कायम करना हो.”

उन्होंने कहा, “सशक्तीकरण की यह यात्रा India की संवैधानिक नींव में गहराई से निहित है. इसे भारतीय संविधान की उन ‘संस्थापक माताओं’ ने आकार दिया है, जिनमें दक्षायणी वेलायुधन, हंसा मेहता, दुर्गाबाई देशमुख, विजया लक्ष्मी पंडित और राजकुमारी अमृत कौर शामिल हैं. भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान ने भारतीय महिलाओं की आने वाली पीढ़ियों के लिए गरिमा, समानता और न्याय सुनिश्चित किया है. ये सभी जीतें एक शक्तिशाली सत्य का प्रतीक हैं. जब प्रतिभा को अवसर मिलता है, तो महिलाएं नेतृत्व करती हैं, उत्कृष्टता हासिल करती हैं और पूरे राष्ट्र को प्रेरित करती हैं.”

पवन कल्याण ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज की नींव हैं. परिवार के पालन-पोषण से लेकर राष्ट्र के निर्माण तक, उनकी भूमिका अद्वितीय और अपरिहार्य है. जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो पूरा राष्ट्र आगे बढ़ता है. यह किसी नए अधिकार को प्रदान करने का विषय नहीं है. यह उस चीज को वापस दिलाने के बारे में है, जिस पर महिलाओं का हक है.

पीआईएम/पीएम