
New Delhi, 18 अप्रैल . संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद एनडीए के नेता विपक्षी दलों पर हमलावर हैं. एनडीए नेताओं का मानना है कि लंबे समय के बाद आधी आबादी को उनका हक मिलने जा रहा था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पास नहीं होने दिया. इससे उनका महिला विरोधी चेहरा सभी के सामने बेनकाब हो गया है.
Union Minister प्रह्लाद जोशी ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि आगे क्या करना है, यह हमारा नेतृत्व तय करेगा. अगर भाजपा को वोट मिल रहे हैं तो 544 सीटों के साथ भी हमें वोट मिलेंगे—बहुमत हमारा ही होगा. देश की जनता ने वोट के माध्यम से पीएम मोदी को चुना है.
केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि इस विधेयक से महिलाओं को उनका हक मिलने वाला था. पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से संसद में इस पर बात रखी, लेकिन विपक्ष नहीं चाहता है कि महिलाओं को उनका हक मिले. वे बस महिलाओं का साथ देने का दिखावा करते हैं. इंडिया महागठबंधन के कामों से साफ तौर पर एक ऐसी सोच झलकती है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें सही प्रतिनिधित्व देने के खिलाफ है.
ऐसे समय में जब देश शासन-प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के मजबूत इरादे के साथ आगे बढ़ रहा है, इस तरह का विरोध बेहद निराशाजनक है. मेरा मानना है कि महिला आरक्षण बिल सिर्फ एक नीतिगत फैसला नहीं है, बल्कि यह समावेशी और बराबरी वाले विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. पूरे देश की लाखों महिलाओं की उम्मीदों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
मुझे पूरा भरोसा है कि यह अहम कानून जल्द ही पास हो जाएगा, जिससे हमारे लोकतंत्र में महिलाओं की आवाज और भूमिका और मजबूत होगी.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर महिला को आगे बढ़ने, नेतृत्व करने और सफल होने का अवसर मिले.
भाजपा नेता नितिन अग्रवाल ने कहा कि इतने सालों बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में Government बिल लाई, और चर्चा भी हुई. देश की आधी आबादी को अधिकार मिलने वाला था, लेकिन कांग्रेस और Samajwadi Party ने 33 फीसदी आरक्षण का विरोध किया, और देश की महिलाएं भविष्य में इसका जवाब देंगी.
उन्होंने कहा कि संसद में बिल पेश किया गया. विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया. जिसकी वजह से बिल गिर गया, इसका सवाल देश की मातृशक्ति इन दलों से जरूर पूछेगी.
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डीकेएम/डीकेपी
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