
चंडीगढ़, 16 अप्रैल . संसद में Thursday को पेश किए जाने वाले महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर काफी खुशी है.
राज लाली गिल ने कहा कि अब देखना है कि इसको किस तरह से लागू किया जाता है, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संसद में सीटें बढ़ेंगी. यह विधानसभा और पंचायतों में पहले से लागू है. महिलाएं हर क्षेत्र में भागीदारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत नहीं बल्कि 50 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए. महिलाएं हर जगह आगे हैं, तो यहां क्यों पीछे रहें?
चंडीगढ़ की रहने वाली ज्योति महावर ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि इसको लेकर महिलाओं में काफी खुशी है. यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. पहले महिलाओं को घर वाले भी राजनीति में नहीं जाने देते थे लेकिन अगर घर की नारी सशक्त होगी तो पूरा घर ही सशक्त होगा.
अधिवक्ता सुमनदीप कौर ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि Government का यह काफी सकारात्मक कदम है. पहले सिर्फ महिला सशक्तीकरण की बातें चलती थीं. इस विधेयक से संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी. इसके लागू हो जाने के बाद घर की महिलाएं भी आगे आएंगी. वे अपनी समस्याओं को बता पाएंगी.
अधिवक्ता गीतांजलि वाधवा ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि महिलाओं के लिए यह विधेयक काफी सकारात्मक पहल है. महिलाओं को संघर्ष करना पड़ता है. इस विधेयक से महिलाओं की भागेदारी बढ़ेगी. महिलाओं को हर जगह पर काम करने का मौका मिलेगा.
महिला आरक्षण विधेयक पर ‘फोर्स एम्पावरमेंट फाउंडेशन’ की संस्थापक रुजान खंबाटा ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि सबसे पहले मैं Government को बधाई देना चाहूंगी क्योंकि यह विधेयक अलग-अलग कारणों से लंबे समय से चर्चा में रहा है. अब यह पास होने जा रहा है और मुझे पूरा यकीन है कि इसे मंजूरी मिल जाएगी.
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एसडी/पीएम
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