
उज्जैन 20 अगस्त Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने धार्मिक नगरी उज्जैन के बदलते स्वरूप पर प्रसन्नता जाहिर की है.साथ ही कहा है कि महाकाल मार्ग चौड़ीकरण में स्थानीय लोगों का बड़ा सहयोग मिला है . Chief Minister यादव ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में बड़ा बदलाव हुआ है, इसी दिशा में महाकाल मार्ग चौड़ीकरण के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया.मार्गों के चौड़ीकरण और कायाकल्प के बाद उज्जैन नये स्वरूप में विस्तार लेगा.
Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में मार्गों के चौड़ीकरण की आवश्यकता है इसमें नागरिकों ने स्वयं के आवास, स्वयं के संस्थान आदि को स्वेच्छा से हटाकर जो सहयोग किया है इसके लिए आभार व्यक्त करता हूं . Chief Minister ने आगे कहा कि Government के संकल्प के साथ जनता का संकल्प और बड़ा है.उज्जैन के विकास के लिए सभी धर्म के लोगों के साथ सभी समाज के लोगों ने अपने-अपने मार्गों का चौड़ीकरण करते हुए स्वर्णिम उज्जैन बनाने का संकल्प लिया है. कुछ दिनों की कठिनाई के बाद उज्जैन का स्वरूप बदलेगा और वह स्वर्णिम होगा .
दरअसल उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इसी क्रम में Wednesday को उज्जैन को 945.20 करोड़ रुपए की लागत के नए एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात मिली है. यह 5.30 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करेगा. Chief Minister यादव ने कहा है कि सिंहस्थ धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा मेला होगा. नागपंचमी पर श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए प्रशासन ने बेहतर इंतजाम किए थे.
Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि मैं वर्ष 1980 के उज्जैन सिंहस्थ में स्काउट एंड गाइड मेंबर रहा था. सिंहस्थ 2016 के आयोजन में कई प्रकार की सावधानियां बरती गईं. रामघाट पर सुविधाएं बढ़ाई गईं. उज्जैन में बायपास निर्माण की जरूरत महसूस की गई. यहां महाकाल लोक निर्माण से धार्मिक तीर्थाटन बढ़ा है. इससे स्थानीय रोजगार में भी वृद्धि हुई है.
उन्होंने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन निर्माण की दिशा में Government आगे बढ़ी है. उज्जैन और इंदौर में मल्टी एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे विकास कार्यों को पूरा करने में आधुनिक तकनीक को भी शामिल किया जाता है. उन्होंने कहा कि नया कॉरिडोर महाकाल मंदिर तक जाने के लिए वैकल्पिक रोड के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाएगा. उज्जैन में रेल और नदी पर आवश्यकतानुसार ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं.
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एसएनपी/पीएम
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