
कोलंबो, 29 अप्रैल . पूर्व सांसद और इन्वेस्टमेंट बैंकर एरन विक्रमरत्ने को श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की अंतरिम समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. अध्यक्ष शम्मी सिल्वा और उनकी कार्यकारी समिति के इस्तीफे के बाद इस नई समिति का गठन खेल के शासी निकाय को चलाने के उद्देश्य से किया गया है.
खेल मंत्री सुनील कुमारा गमागे की तरफ से गठित इस अंतरिम समिति में, पूर्व राष्ट्रीय कप्तान रोशन महानामा और कुमार संगकारा को शामिल किया गया है. उनके साथ पूर्व सलामी बल्लेबाज सिदाथ वेट्टिमुनी भी इसमें शामिल हैं. प्रशासक थुशिरा राडेला, अवंती कोलंबगे, प्रकाश शैफ्टर और उपुल कुमारप्पेरुमा भी इस समिति का हिस्सा हैं.
यह नियुक्तियां एसएलसी मुख्यालय मैटलैंड प्लेस में बड़ा बदलाव का संकेत हैं. यह कदम तब उठाया गया, जब सिल्वा और पूरी कार्यकारी समिति ने Wednesday को आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया. यह इस्तीफा प्रशासनिक कामकाज को लेकर बढ़ती आलोचना, वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों और हाल के समय में श्रीलंकाई टीम के खराब प्रदर्शन के बीच आया है.
दिन की शुरुआत में एसएलसी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था, “श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो Wednesday से लागू है. उनके साथ एसएलसी के पदाधिकारी और एग्जीक्यूटिव कमिटी के सदस्यों ने भी अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं. इस फैसले की औपचारिक जानकारी अध्यक्ष अनुरा कुमारा दिसानायके और युवा मामले और खेल मंत्री, सुनील कुमारा गमागे को दे दी गई है.”
65 वर्षीय सिल्वा साल 2019 से श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष थे. वह साल 2021, 2023 और 2025 में निर्विरोध इस शीर्ष पद के लिए फिर से चुने गए थे. सिल्वा ने साल 2025 में बतौर एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) अध्यक्ष भी काम किया, जहां उन्होंने जय शाह की जगह यह शीर्ष पद संभाला था.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 चरण तक पहुंचने में सह-मेजबान श्रीलंका की नाकामी को एसएलसी प्रशासन में बदलाव की वजह बताया गया है. सिल्वा को इससे पहले 2023 में एसएलसी प्रमुख के पद से हटा दिया गया था. यह फैसला आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2023 में श्रीलंका के खराब प्रदर्शन के बाद लिया गया था, जिसके चलते आईसीसी ने बोर्ड को निलंबित कर दिया.
इस संकट का असर यह भी हुआ कि आईसीसी मेंस अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 की मेजबानी श्रीलंका से हटाकर साउथ अफ्रीका को दे दी गई. हालांकि, सिल्वा 2025 में फिर से एसएलसी प्रमुख बने थे, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि उनका सात साल का शासन आखिरकार हमेशा के लिए समाप्त हो गया है.
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आरएसजी
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