
New Delhi, 3 अगस्त . social media पर इन दिनों एक संदेश और एडिटेड आर्टिकल तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि India में दूध का उत्पादन केवल 14 करोड़ लीटर है, जबकि खपत 64 करोड़ लीटर है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट नहीं रुकी तो वर्ष 2035 तक India की 87 प्रतिशत आबादी कैंसर से पीड़ित हो जाएगी. हालांकि, यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया है.
पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि social media पर साझा किया जा रहा यह दावा भ्रामक और झूठा है. पीआईबी के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ऐसी कोई एडवाइजरी या चेतावनी जारी नहीं की है, जिसमें वर्ष 2035 तक India की 87 प्रतिशत आबादी को कैंसर होने की बात कही गई हो.
पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक संदेशों और एडिटेड कंटेंट से सतर्क रहें, क्योंकि इसका उद्देश्य जनता के बीच भ्रम और अनावश्यक भय फैलाना है. साथ ही, प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है.
डब्ल्यूएचओ इंडिया ने भी अपने आधिकारिक social media पोस्ट में इस वायरल दावे को पूरी तरह गलत बताया है. संगठन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने India Government को दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट को लेकर ऐसी कोई सलाह या चेतावनी जारी नहीं की है, जिसमें यह कहा गया है कि 2035 तक 87 प्रतिशत भारतीय कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों से प्रभावित हो जाएंगे.
इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बिना सत्यापन के किसी भी जानकारी को साझा या फॉरवर्ड न करें, क्योंकि इससे अनावश्यक दहशत और भ्रम फैल सकता है. संगठन ने सभी नागरिकों से विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया है.
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एएमटी/डीकेपी
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