
प्योंगटेक (साउथ कोरिया), 28 जुलाई . दक्षिण कोरिया के क्षेत्रीय शहर प्योंगटेक में Tuesday को एक छोटा इवैक्युएशन अलर्ट जारी किया गया. यह चेतावनी अमेरिकी बेस पर सफेद फॉस्फोरस के हल्के रिसाव की खबर के बाद जारी की गई थी. अधिकारियों ने बताया कि इससे खतरा बहुत कम था.
Police और दमकल अधिकारियों के अनुसार, शाम करीब 5:07 बजे अमेरिकी सेना ने सूचना दी कि सोल से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में स्थित प्योंगटेक के के-55 यूएस ओसन एयर बेस पर जहरीले रसायन का रिसाव हुआ है.
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्योंगटेक शहर प्रशासन ने लोगों को अलर्ट जारी कर सफेद फॉस्फोरस के संभावित रिसाव की जानकारी दी और आसपास रहने वाले लोगों से कहा कि वे त्वचा के संपर्क से बचने के लिए सुरक्षित जगह पर चले जाएं.
सफेद फॉस्फोरस एक बेहद जहरीला पदार्थ है, जो संपर्क में आने पर इंसान के शरीर के ऊतकों को हड्डी तक जला सकता है. इसके सैन्य इस्तेमाल पर कड़े नियम हैं और इंटरनेशनल कम्युनिटी इसे मना करती है.
अधिकारियों ने बताया कि दो हथियारों से सफेद फॉस्फोरस का रिसाव हुआ था, हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कितनी मात्रा में पदार्थ बाहर निकला. उन्होंने कहा कि किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
बताया गया कि अमेरिकी सेना ने शहर प्रशासन को जानकारी दी कि लीक हुआ पदार्थ लगभग 80 प्रतिशत तक पतला किया जा चुका था और इससे लोगों के स्वास्थ्य या आसपास के पर्यावरण को बड़ा खतरा नहीं है.
इसके बाद प्योंगटेक प्रशासन ने शुरुआती चेतावनी के करीब 36 मिनट बाद लोगों को दी गई निकासी सलाह वापस ले ली. अधिकारियों ने बताया कि बेस पर जरूरी कदम पूरे कर लिए गए हैं और अब लोग सामान्य रूप से अपने काम कर सकते हैं.
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि वहां एक ‘जमीनी दुर्घटना’ हुई थी. लोगों और बेस की सुरक्षा के लिए उस इलाके को घेर लिया गया था. सेना ने कहा कि स्थिति को जल्दी और सावधानी से संभाला जा रहा है.
यूएस 51वें फाइटर विंग ने एक बयान में कहा कि हमारी आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम इस समय बेस के अंदर एक सीमित घटना को संभाल रही है. हम इस मामले को पूरी सावधानी और तेजी से निपटा रहे हैं. ओसन एयर बेस को पूरी तरह खाली कराने की कुछ खबरें सही नहीं थीं.
रिसाव की खबर मिलने के बाद अधिकारियों ने दमकलकर्मियों और जरूरी उपकरणों को मौके पर भेजा और अमेरिकी सेना के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू की.
Police ने एहतियात के तौर पर बेस से करीब 300 से 500 मीटर दूर गश्ती वाहनों के साथ घेराबंदी कर दी थी. आम लोगों के आने-जाने पर रोक लगाई गई और यातायात का रास्ता बदला गया.
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एवाई/डीकेपी
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