
New Delhi, 4 जून . फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है. विश्व कप के इस 23वें संस्करण की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं. इस बार सर्वाधिक 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और कुल 104 मैच खेले जाएंगे. फुटबॉल के इतिहास में ऐसे कई मैच हुए हैं जिनका फैसला पेनाल्टी के माध्यम से मिले अवसर को गोल में बदलने से हुआ है.
आइए आपको बताते हैं कि विश्व कप के इतिहास में किन खिलाड़ियों ने पेनाल्टी के अवसर को सबसे ज्यादा बार गोल में बदला है.
अर्जेंटीना के गैब्रियल बतिस्तुता ने 4 प्रयास में 4 गोल किए हैं. पुर्तगाल के यूसेबियो ने 4 प्रयास में 4 गोल किए हैं. नीदरलैंड के रॉब रेनसेनब्रिंक ने 4 प्रयास में 4, इंग्लैंड के हैरी केन ने 5 प्रयास में 4, अर्जेंटीना के लियोनल मेसी ने 6 प्रयास में 4, फ्रांस के एंटोनी ग्रीजमैन ने 3 प्रयास में 3, स्पेन के फर्नांडो हिएरो ने 3 प्रयास में 3, ऑस्ट्रेलिया के माइल जेदिनाक ने 3 प्रयास में 3, नीदरलैंड के जोहान नीस्केन्स ने 3 प्रयास में 3, बुल्गारिया के ह्रिस्टो स्टोइचकोव ने 3 प्रयास में 3 और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 4 प्रयास में 3 गोल किए हैं.
अपनी कप्तानी में अर्जेंटीना को फीफा विश्व कप 2022 का खिताब दिलाने वाले लियोनल मेसी संभवत: अपना आखिरी विश्व कप खेलेंगे. मेसी के पास पेनल्टी के माध्यम से की गई अपने गोलों की संख्या को बढ़ाने का मौका है. मेसी अपने खिताब की रक्षा भी करना चाहेंगे और अपने आखिरी विश्व कप में अर्जेंटीना को एक बार फिर से चैंपियन बनाने की कोशिश करेंगे.
41 साल के पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी संभवत: आखिरी बार फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर दिखेंगे. अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल कर चुके रोनाल्डो का सपना पुर्तगाल को पहला विश्व कप दिलाना है. उनके पास आगामी विश्व कप में आखिरी बार यह मौक होगा. विश्व कप में पेनल्टी के माध्यम से की गई अपने गोलों की संख्या भी वह बढ़ा सकते हैं.
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पीएके
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