
New Delhi, 20 जुलाई . सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि विभिन्न Political दलों के सांसद संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार का मुद्दा उठाने का भरोसा देते हैं तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे. इस संबंध में उन्होंने Sunday को social media मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर जानकारी दी है.
वांगचुक ने लिखा, “मैं अपना व्रत कब तोड़ूंगा…?” उन्होंने आगे लिखा, “प्रिय दोस्तों और समर्थकों, आप में से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना अनशन कब खत्म करूंगा. जैसा कि मैंने पहले समर्थकों को बताया था, मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा, अगर Government शिक्षा व्यवस्था में हाल की नाकामियों (जैसे पेपर लीक वगैरह) की जिम्मेदारी ले या मैं और सीजेपी का नेतृत्व संसद पहुंचें तथा वहां सांसद और विभिन्न Political दलों के नेता हमें यह भरोसा दिलाएं कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे.”
उन्होंने आगे लिखा, “यदि मेरी सेहत या किसी अन्य कारण से ऐसा संभव नहीं हो पाता है, तो विभिन्न Political दलों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर यह भरोसा दें.”
वांगचुक ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया कि यह संदेश उन्होंने 19 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में अपनी “गैरकानूनी नजरबंदी” के दौरान लिखा, जहां उनके अनुसार उनके घूमने-फिरने, बोलने और लोगों से बातचीत करने की स्वतंत्रता पर रोक लगी हुई है.
इससे पहले Saturday देर रात वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा था कि यदि विभिन्न Political दलों के सांसद और नेता Monday को सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर वांगचुक को यह आश्वासन देते हैं कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे, तभी वह अपना अनशन समाप्त करेंगे.
आंगमो ने कहा था, “सोनम अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब Political दलों के नेता अस्पताल में उनसे मिलकर यह आश्वासन देंगे कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे.”
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एसडी/एएस
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