
Mumbai , 4 जून . अनुभवी Actress अरुणा ईरानी आज हिंदी सिनेमा का एक बड़ा नाम हैं. उन्होंने पांच दशक से ज्यादा समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया. हाल ही में उन्होंने अपने पहले ऑडिशन से जुड़ी यादें साझा कीं और बताया कि कैसे वेफर्स खाते और ठंडा पीते हुए उन्हें ऐसा मौका मिला, जिसने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी.
रियलिटी शो ‘तुम हो ना– घर की सुपरस्टार’ के एक एपिसोड में अरुणा ईरानी ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने कहा, ”जब मैं छोटी थीं, तब एक कास्टिंग टीम मेरे रेजिडेंशियल बिल्डिंग में बच्चों की तलाश में आई थी. टीम ने वहां रहने वाले बच्चों को बताया कि जो भी अभिनय में दिलचस्पी रखता है, वह ऑडिशन देने आ सकता है. बच्चों को बुलाने के लिए उन्होंने वेफर्स और कोल्ड ड्रिंक्स की भी व्यवस्था की थी. यह सुनकर मैं काफी उत्साहित हो गईं और मैंने अपने दोस्तों को भी अपने साथ चलने के लिए मना लिया.”
अरुणा ने हंसते हुए बताया, ”ऑडिशन के दौरान मैं आराम से कोने में खड़ी होकर कोल्ड ड्रिंक पी रही थी और वेफर्स वेफर्स खा रही थीं. तभी किसी की नजर मुझ पर पड़ी और उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया. जब मैं वहां पहुंचीं, तब मुझे पता चला कि सामने हिंदी सिनेमा के महान Actor दिलीप कुमार बैठे हैं.”
इस यादगार पल को याद करते हुए अरुणा ने बताया, ”दिलीप कुमार ने मुझे अपने पास बुलाकर पूछा कि क्या तुम डायलॉग बोल लेती हो. मैंने हाथ साफ किए, नमस्ते की और हां में जवाब दिया. इसके बाद दिलीप कुमार ने मुझे एक छोटा-सा डायलॉग दिया- ‘काका, काका, मुझे बहुत डर लग रहा है.’ साथ ही समझाया कि यह डायलॉग डर के भाव के साथ बोलना है. मैंने पूरे आत्मविश्वास और भावनाओं के साथ यह डायलॉग बोल दिया.”
Actress ने कहा, ”डायलॉग बोलने के बाद मुझे शॉर्टलिस्ट कर लिया गया. यही वह क्षण था, जिसने मेरे फिल्मी सफर की नींव रखी. उसी दिन से इंडस्ट्री में मेरे सफर का श्रीगणेश हुआ. अगर उस दिन मैं ऑडिशन देने नहीं जातीं, तो शायद मेरी जिंदगी की दिशा कुछ और होती.”
शो के होस्ट राजीव खंडेलवाल ने भी इस कहानी को सुनकर हैरानी जताई. उन्होंने कहा, ”इमेजिन कीजिए, किसी कलाकार का पहला ऑडिशन हो और वह सीधे दिलीप कुमार जैसे महान सुपरस्टार के सामने हो. यह किसी सपने के सच होने जैसा है. हर किसी को ऐसा मौका नहीं मिलता.”
जब राजीव ने उनसे पूछा कि क्या उनके परिवार ने एक्टिंग करियर के लिए उनका सपोर्ट किया था, तो अरुणा ने बताया, ”मेरे घर का माहौल पहले से ही कला और अभिनय से जुड़ा हुआ था. मेरे पिता की अपनी ड्रामा कंपनी थी और मां भी Actress थीं, इसलिए परिवार ने कभी मेरे एक्टिंग करियर का विरोध नहीं किया, बल्कि मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.”
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पीके/पीएम
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