
Mumbai , 11 जून . शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने उन चर्चाओं को महज अफवाह करार दिया, जिसमें यह कहा जा रहा है कि अब आगामी दिनों में टीएमसी जैसी स्थिति शिवसेना (यूबीटी) की भी होगी.
उन्होंने Thursday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि अफवाहों का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं होता है. ऐसी स्थिति में मेरा आप लोगों से यही कहना है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, जब तक किसी के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ जाती.
हालांकि, अरविंद सावंत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब अगर सांसद हमें छोड़कर जाना चाहता है तो हम उसे रोक नहीं पाएंगे. भला जाने वालों को कैसे रोका जा सकता है. ऐसे लोगों को रोके जाने का कोई मतलब नहीं बनता है.
इसके अलावा, उन्होंने शिवसेना के ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ क्या होता है. शिवसेना का रोज ऑपरेशन हो रहा है. शिवसेना के लोगों को दिल्ली में जाकर अपना सिर झुकाना पड़ रहा है, लेकिन अफसोस की बात है कि ये लोग इस बारे में अपनी बात नहीं रख रहे हैं. इसके विपरीत, शिवसेना (यूबीटी) को लेकर अफवाहों को प्रचारित कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
साथ ही, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर भी बड़ा दावा किया. उनके मुताबिक, इस पार्टी का कोई भी नेता कहीं नहीं गया है. भाजपा के लोग Political दुराग्रह से ग्रसित होकर बेबुनियादी अवधारणाओं को आम लोगों के बीच में प्रचारित करने की कोशिश कर रहे हैं. भाजपा के लोग सिर्फ झूठ ही बोलते हैं. इन लोगों ने हमेशा से ही हर मुद्दे को लेकर झूठ ही बोला है. अभी हाल ही में ये लोग मोदी Government के 12 साल पूर्ण होने पर लोगों के बीच में झूठ फैला रहे हैं कि हमने यह उपलब्धि प्राप्त की है तो ये उपलब्धि प्राप्त की है.
इसके अलावा, उन्होंने केंद्र Government की उपलब्धियों पर भी सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि यह Government कह रही है कि हमने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया. अगर आपने ऐसा कर भी दिया, तो क्या अन्य प्रदेशों में रहने वाले हिंदू जम्मू-कश्मीर में रहने लगे? क्या आपने जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से को आजाद करवा लिया, जो मौजूदा समय में Pakistan के हिस्से में है?
साथ ही, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ने Prime Minister मोदी की तुलना पंडित जवाहर लाल नेहरू से किए जाने पर आपत्ति जताई. उनके मुताबिक, पंडित नेहरू ने इस देश के लिए बहुत कुछ किया. 197 करोड़ जब इस देश का बजट था तो उसमें से 196 करोड़ पंडित नेहरू ने दिए थे और वो बाकायदा 9 महीनों तक अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलने की वजह से सलाखों के पीछे भी रहे थे. उस वक्त भाजपा के लोग कहां पर थे?
अरविंद सावंत ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इस देश को आईआईएम जैसे संस्थान दिए. मौजूदा केंद्र Government ने क्या किया? कुल मिलाकर, दोनों की पारस्परिक तुलना अप्रासंगिक है. इस Government ने जितने भी पुल बनाए, वे ध्वस्त ही हो गए. मैं केंद्र Government से चाहता हूं कि वो हमें बताएं कि इन 12 सालों में इनकी क्या उपलब्धियां रही हैं. उधर, अगर बेरोजगारी की बात करें तो युवा वर्ग त्रस्त है. सभी लोग देश की नागरिकता छोड़कर दूसरे देश जा रहे हैं.
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एसएचके/डीकेपी
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