पश्चिम रेलवे ने पहल कर रेलवे अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किये


– पीएम मोदी 35 पीएसए ऑक्सीजन प्लांटों का वर्चुअली लोकार्पण किया

अहमदाबाद (Ahmedabad) . पश्चिम रेलवे (Railway)अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने, उपचार की नवीनतम चिकित्सा प्रक्रियाओं और कोविड-19 (Covid-19) रोगियों के उपचार के लिए एक मजबूत बुनियादी ढाँचा बनाने में सबसे आगे है. कोरोनावायरस महामारी (Epidemic) के खिलाफ अपनी सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई में, पश्चिम रेलवे (Railway)ने अपने चिकित्सा विभाग को मजबूत और एक लक्ष्य के लिए समर्पित कर चिकित्साई के क्षेत्र में स्व यं अपनी पूर्व की उपलब्धियों को भी पीछे छोड़ दिया है.

मानवीय दृष्टिकोण और सेवा की भावना के साथ चिकित्सा विभाग की गहन योजना ने पश्चिम रेलवे (Railway)को कोविड महामारी (Epidemic) के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ने में मदद की. 7 अक्टूबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ऋषिकेश, उत्तराखंड के एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में 35 प्रेशर स्विंग एब्जॉचर्पशन (पीएसए) ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट समर्पित किए. ये संयंत्र देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में PM CARES के तहत स्थापित किए गए हैं. माननीय प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि भविष्य में कोरोना (Corona virus) के खिलाफ लड़ाई की तैयारियों को मजबूत करने के लिए देश भर में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में पीएम केयर्स के तहत स्वीकृत 1150 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट देश भर में चालू किए गए हैं. माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्य दिनों में भारत एक दिन में 900 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन करता था. जैसे-जैसे मांग बढ़ी, भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में 10 गुना (guna) से अधिक की वृद्धि की.

उन्होंने कहा कि यह दुनिया के किसी भी देश के लिए एक अकल्पनीय लक्ष्य था, लेकिन भारत ने इसे हासिल कर लिया है. पीएसए ऑक्सीजन प्लांटों के इस समर्पण के साथ, देश के सभी जिलों में कम से कम एक पीएसए प्लांट है. प्रधानमंत्री द्वारा ऋषिकेश के एम्स से पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों के समर्पण के अवसर पर पश्चिम रेलवे (Railway)के महाप्रबंधक आलोक कंसल पश्चिम रेलवे (Railway)मुख्यालय पर वर्चुअली उपस्थित थे. जन प्रतिनिधि गण, स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवर आदि पश्चिम रेलवे (Railway)पर तीन स्थानों अर्थात जगजीवन राम अस्पताल, मुंबई (Mumbai) सेंट्रल साबरमती मंडल रेलवे (Railway)अस्पताल और दाहोद रेलवे (Railway)अस्पताल रतलाम मंडल में, जहां ऑक्सीजन संयंत्र चालू किए जाने की प्रक्रिया में हैं, उनके कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े हुए थे. पश्चिम रेलवे (Railway)ने हाल ही में राजकोट (Rajkot), भावनगर, वडोदरा (Vadodara)और रतलाम के मंडल रेलवे (Railway)अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट चालू किये हैं. ये ऑक्सीजन संयंत्र पश्चिम रेलवे (Railway)के रेलवे (Railway)अस्पतालों में चिकित्सा ऑक्सीजन की आत्मनिर्भर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे. इन पीएसए आधारित ऑक्सीजन संयंत्रों की क्षमता हैं मंडल रेल अस्पमताल राजकोट (Rajkot) (500 लीटर प्रति मिनट), मंडल रेल अस्पिताल भावनगर (500 लीटर प्रति मिनट), मंडल रेल अस्पलताल वडोदरा (Vadodara)(250 लीटर प्रति मिनट) और मंडल रेल अस्पतताल रतलाम (500 लीटर प्रति मिनट).

एक अन्य 150 लीटर प्रति मिनट क्षमता का पीएसए संयंत्र सीएसआर पहल के माध्यम से रतलाम में चालू किया गया है. इन संयंत्रों को अगस्त 2021 में चालू कर दिया गया है. कोविड रोगियों के लिए जगजीवन राम अस्प.ताल में ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना सभी सुरक्षा एहतियात और जरूरी रखरखाव के साथ की जा रही है. इस पीएसए ऑक्सीजन प्लांट द्वारा उत्पादित ऑक्सीजन द्वारा 90-96% वायु संतृप्ति को बनाए रखा जा सकता है. यह ऑक्सीजन प्लांट कोविड ऑक्सीजन संकट के दौरान बहुत मददगार होगा और प्लांट के माध्यम से 70-75 बेड को 90-96% ऑक्सीजन के साथ आपूर्ति करेगा. 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता के ये दो PSA ऑक्सीजन प्लांट आपातकालीन ब्रेकडाउन के दौरान किसी भी आपदा की संभावना को रोकने के लिए एक दूसरे को बैकअप देंगे.

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