
कोलकाता, 27 मई . दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर Police थाना क्षेत्र से तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को India में अवैध रूप से प्रवेश करने और राज्य में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
इनमें से एक बांग्लादेशी महिला ने सनसनीखेज दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक स्थानीय पंचायत सदस्य ने आधार कार्ड बनवाने का वादा करके उनसे पैसे लिए थे.
एक गुप्त सूत्र से मिली सूचना के बाद बारुईपुर Police थाना के मल्लिकपुर चौकी के Policeकर्मियों ने इलाके में छापा मारा. इस छापेमारी के दौरान एक बांग्लादेशी दंपति को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान शफीकुल इस्लाम मोल्लाह और उनकी पत्नी मोनिरा बेगम के रूप में हुई है.
Police की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उनका घर बांग्लादेश के जेस्सोर जिले के मनीरामपुर Police थाना क्षेत्र के नेंगुर बाजार डाकघर के अंतर्गत चालुहाटी गांव में है.
जांचकर्ताओं का दावा है कि दंपति दलालों के एक गिरोह के जरिए अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर गए थे. सीमा पार करने के बाद वे दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर Police स्टेशन के अंतर्गत मल्लिकपुर इलाके में बस गए.
Police ने इस बात की विस्तृत जांच शुरू कर दी है कि वे स्थानीय स्तर पर कैसे रह रहे थे, वे कहां काम करते थे और कितने समय से इस इलाके में रह रहे थे.
Police ने बताया कि सीमा पार करके India में प्रवेश करने के बाद वे कुछ स्थानीय लोगों की मदद से इस इलाके में स्थायी रूप से बसने की कोशिश कर रहे थे. जांचकर्ताओं को संदेह है कि वे भारतीय पहचान पत्र प्राप्त करने का भी प्रयास कर रहे थे.
गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि India में प्रवेश करने का उनका उद्देश्य, दलालों के नेटवर्क की भूमिका और उनके स्थानीय संपर्कों का पता लगाया जा सके.
हालांकि, मोनिरा बेगम के आरोपों ने इस घटना को एक नया मोड़ दे दिया है. Police द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहचान पत्र बनवाने के लिए एक स्थानीय जन प्रतिनिधि से संपर्क किया था.
मोनिरा बेगम ने आरोप लगाया है कि बरुईपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मल्लिकपुर ग्राम पंचायत के तृणमूल कांग्रेस सदस्य शाहजहां सरदार ने उनसे आधार कार्ड बनवाने का आश्वासन देकर 5,000 रुपए लिए थे.
उन्होंने बताया कि स्थानीय निवास के लिए पहचान पत्र आवश्यक थे और इसी उद्देश्य से वे उनके पास गई थीं.
आरोप है कि शाहजहां सरदार ने आधार कार्ड बनवाने का वादा करके पैसे तो ले लिए, लेकिन बाद में कोई काम नहीं किया. मोनिरा बेगम ने दावा किया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
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एमएस/
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