
कोलकाता, 24 जून . Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Wednesday को बताया कि दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में बन रहे एक गोदाम की छत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, करीब 18 लोग अंदर फंसे हुए हैं और 21 मजदूरों को बाहर निकाला गया है. इस हादसे में 40 से ज्यादा मजदूर फंस गए थे.
अधिकारी ने कई मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के साथ दुर्घटना वाली जगह का दौरा किया और बचाव अभियान की निगरानी की. दौरे के बाद, उन्होंने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में मीडिया से बात की.
उन्होंने बताया कि हादसा दोपहर 12:07 बजे हुआ. उन्होंने शुरुआती बचाव कार्यों के लिए सिविल डिफेंस, फायर डिपार्टमेंट और कोलकाता Police का शुक्रिया अदा किया, जिनकी वजह से कई जानें बचाई जा सकीं. उन्होंने एनडीआरएफ कर्मियों की कोशिशों की भी तारीफ की और बताया कि भारतीय सेना के जवान भी मौके पर काम कर रहे हैं.
अधिकारी ने पुष्टि की कि तीन लोगों की मौत हुई है, करीब 21 लोगों को बाहर निकाला गया है और 12 लोगों का एसएसकेएम अस्पताल में इलाज चल रहा है.
उन्होंने बताया कि 15 से 18 मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं, वे जिंदा हैं और उनसे संपर्क बना हुआ है. उन्हें पानी और ऑक्सीजन पहुंचाई गई है और उन्हें बाहर निकालने की कोशिशें जोर-शोर से चल रही हैं.
साथ ही, Chief Minister ने कहा कि बन रहे वेयरहाउस का बिल्डिंग प्लान गलत था और इसके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि बिल्डिंग प्लान को इस साल 17 जनवरी को मंजूरी दी गई थी. शुरू में, केएमसी के इंजीनियरों ने कहा कि प्लान गलत था और दिन में बाद में एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी. मालिकों (बेहरा ब्रदर्स) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारी ने आगे घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) इलाके में बन रही सभी कमर्शियल प्रॉपर्टीज में काम 31 जुलाई तक बंद रहेगा. उन्होंने कहा कि केएमसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसी सभी प्रॉपर्टीज पर काम 31 जुलाई तक रोक दें और बिल्डिंग प्लान व साइट प्लान का ऑडिट और मौके पर जाकर जांच करें. जिनके पास सही कागजात होंगे, वे 1 अगस्त से काम फिर से शुरू कर सकेंगे.
Chief Minister ने कहा कि वे जल्द ही घायल कर्मचारियों से मिलने एसएसकेएम अस्पताल जाएंगे. मारे गए तीन कर्मचारियों में से दो की पहचान रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी के तौर पर हुई है.
Wednesday दोपहर तारातला में बन रहे एक गोदाम की छत गिर गई, जिससे करीब 40 से 50 कर्मचारी मलबे में फंस गए. सिविल डिफेंस, भारतीय सेना, एनजीआरएफ, फायर ब्रिगेड, कोलकाता Police और केएमसी के कर्मचारी युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं. गिरी हुई छत के हिस्सों को हटाने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन और गैस कटर मंगाए गए हैं. राज्य की म्युनिसिपल मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान की निगरानी की.
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक छत गिर गई. वे मलबे के नीचे दब गए और Police, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर वेल्डिंग का काम करते समय कोई दिक्कत हुई थी.
50 टन तक वजन उठाने में सक्षम एक हाइड्रोलिक क्रेन को वहां तैनात किया गया है. क्रेन की मदद से गिरी हुई संरचना को थामे रखा गया है ताकि वह और न गिरे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह गोदाम लगभग 20,000 वर्ग फुट में फैला हुआ था.
मुख्य ढांचे के अंदर कोई दीवार या अलग कमरे नहीं थे, इसलिए पूरा हिस्सा एक ही बार में ढह गया. अतिरिक्त भार न सह पाने के कारण लोहे की बीम कई जगहों से मुड़ गईं. Police ने मलबे में फंसे बाकी मजदूरों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स भी तैनात किए हैं.
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एमएस/
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