हमने राज्यपाल से मुलाकात करके अपनी मांगें रखीं: बलबीर सिंह राजेवाल

चंडीगढ़, 19 जून . संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब के Governor गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में किसानों की ओर से प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए उसे यथाशीघ्र पूरा करने की बात कही गई है. इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक बलबीर सिंह राजेवाल ने पत्रकारों से बातचीत में जानकारी दी.

उनके मुताबिक, हमने अपने ज्ञापन में पानी का भी जिक्र किया है, क्योंकि मौजूदा समय में हमें जो पानी मिल रहा है, उसमें यूरेनियम है, हेवी मेटल है, जिसे देखते हुए हमने ज्ञापन में पानी के मुद्दे का जिक्र किया है. इसके इतर, पंजाब में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. पिछले साल खुद जल मंत्री ने इस बात का जिक्र अपने भाषण में करते हुए कहा था कि पंजाब कैंसर स्टेट के रूप में तब्दील हो रहा है. इन्हीं सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमारी Government से मांग है कि वह हालातों को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाए.

भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक बलबीर सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि हर शहर और हर गांव में पेयजल मिले और कृषि के लिए पानी मिले. Government फ्री ट्रेड करने जा रही है. Government मौजूदा समय में बहुत कुछ छुपाने की कोशिश कर रही है. अमेरिकी Government किसानों के पास जाकर उनके खेतों की जांच रही है. अमेरिकी Government अपने किसानों को हर मुमकिन मदद देने का आश्वासन दे रही है, लेकिन अफसोस की बात है कि मौजूदा Government इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम नहीं उठा रही है. इसी तरह से हमने कर्ज का भी मुद्दा उठाया. आजादी से पहले एक किताब लिखी गई थी, जिसमें कहा था कि यहां का किसान कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में ही मर जाता है. 1984 में राजभवन का घेराव किया था. उस समय जवाहर कमेटी बनी थी. पहले जब हम खाद्य संकट का सामना कर रहे थे, उस वक्त हमारी मदद की गई थी. इसके बाद हमारी उपेक्षा की गई.

उन्होंने कहा कि 2007-2008 में जब बादल साहब सीएम के पद पर थे, तब उन्होंने कृषि अर्थशास्त्रियों की एक कमेटी बनाई थी. तब इस कमेटी ने India Government को एक रिपोर्ट सौंपी थी. India Government ने वीट और पेडी में कम दाम तय करके कई रुपए निचोड़ लिए. लिहाजा, यह कहा जा सकता है कि मौजूदा समय में यह स्थिति Government की नीतियों की वजह से बनी हुई है. Government जब कॉरपोरेट हाउस के कर्ज को माफ कर देती है तो इस देश के किसानों और मजदूरों के क्यों नहीं करती. इसके अलावा, डेम सैफ्टी एक्ट का भी विरोध किया. बीबीएमबी में पंजाब और Haryana के किसान रहे हैं, लेकिन अब तो पंजाब को इससे बाहर करके Rajasthan को शामिल कर लिया, जिसका हम विरोध करते है. वहीं, हम Government से मांग करते हैं कि डेम सैफ्टी एक्ट को वापस ले.

उन्होंने कहा कि Governor ने हमें बताया कि वो 26 जून को दिल्ली जा रहा हूं, जहां पर मैं आपके ज्ञापन का जिक्र करके आपके मुद्दों का समाधान करूंगा. इसके अलावा, कुछ केस हमारे किसान भाइयों पर दर्ज थे, जिस पर Government ने वादा किया था कि इन्हें वापस लिया जाएगा, लेकिन अभी तक उसे वापस नहीं लिया गया. इसका भी जिक्र हमने ज्ञापन में किया.

एसएचके/डीकेपी