
वॉशिंगटन, 21 मई . भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर और माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एस. सोमा सोमसेगर के निधन से दुनियाभर की टेक कम्युनिटी शोक में है. उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और इंजीनियरों, स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशकों की नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देने के लिए जाना जाता था.
परिवार की ओर से जारी एक संदेश में कहा गया, “भारी दुख के साथ हम अपने प्रिय पति और पिता एस. सोमसेगर (जिन्हें प्यार से सोमा कहा जाता था) के 19 मई 2026 को निधन की खबर साझा कर रहे हैं.”
सोमसेगर के निधन की खबर सामने आते ही सिलिकॉन वैली और सिएटल की टेक इंडस्ट्री से श्रद्धांजलियों का सिलसिला शुरू हो गया. उनका निधन 59 साल की उम्र में हुआ. उन्होंने लगभग 27 साल माइक्रोसॉफ्ट में काम किया और 2015 में मैड्रोना वेंचर ग्रुप से जुड़े.
भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और व्हाइट हाउस के एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने सोमसेगर को ऐसा मेंटर बताया जिसने कई लोगों की जिंदगी और करियर बदल दिए.
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “यह बताना मुश्किल है कि सोमा का मुझ पर और आरती पर कितना बड़ा असर था. उन्होंने हमें कॉलेज के समय पहचाना, हमारी पहली नौकरी दिलाने में मदद की और खुद माइक्रोसॉफ्ट में बड़े पद पर होने के बावजूद हमारे जैसे जूनियर लोगों के लिए हमेशा समय निकाला और बहुत अपनापन दिया.”
उन्होंने कहा कि आज हमारी जो जिंदगी और करियर है, उसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है.
ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर कंपनी यूआईपाथ, जिसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सोमसेगर सितंबर 2024 से शामिल थे, ने उन्हें एक भरोसेमंद सलाहकार और शानदार नेता बताया.
कंपनी ने बयान में कहा, “एस. ‘सोमा’ सोमसेगर के असमय निधन की खबर से हमें गहरा दुख हुआ है. हमारी संवेदनाएं उनकी पत्नी अकिला, उनकी बेटियों और मैड्रोना में उनके साथियों के साथ हैं.”
पत्रकार टॉम वॉरेन ने कहा कि सोमसेगर ने माइक्रोसॉफ्ट में 27 साल बिताए और कंपनी के डेवलपर डिवीजन का नेतृत्व किया. उन्होंने यह भी कहा कि सिएटल की टेक दुनिया में उनकी बड़ी पहचान थी.
माइक्रोसॉफ्ट के कई पूर्व कर्मचारियों और स्टार्टअप फाउंडर्स ने उन्हें एक शांत, लेकिन बेहद प्रभावशाली व्यक्ति बताया, जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को क्लाउड और डेवलपर केंद्रित कंपनी बनाने में अहम भूमिका निभाई.
गीकवायर में प्रकाशित एक लंबे श्रद्धांजलि लेख में उन्हें “डेवलपर्स और स्टार्टअप्स का सच्चा समर्थक” कहा गया. लेख में बताया गया कि उन्होंने सिएटल की टेक कम्युनिटी में कई फाउंडर्स और निवेशकों को मार्गदर्शन दिया.
सोमसेगर जनवरी 1989 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े थे. बाद में उन्होंने कंपनी के डेवलपर डिवीजन का नेतृत्व किया, जिसमें विजुअल स्टूडियो और डॉट नेट जैसे बड़े प्रोडक्ट शामिल थे. उन्होंने 1998 में हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई.
चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गिंडी के पूर्व छात्र चिन्नु सेंथिलकुमार ने लिखा, “उन्होंने विंडोज एनटी पर महत्वपूर्ण काम किया, हैदराबाद में इंडिया डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया और डेवलपर डिवीजन का नेतृत्व करते हुए डॉट नेट और दुनियाभर के लाखों डेवलपर्स का समर्थन किया.”
बाद में सोमसेगर मैड्रोना वेंचर ग्रुप से जुड़े, जहां उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट एप्लिकेशन से जुड़े निवेशों पर काम किया.
ओपनएआई एप्लिकेशंस के सीटीओ विजयी राज ने गीकवायर को दिए एक श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि वह सबसे दयालु लोगों में से एक थे जिन्हें मैं जानता था. उन्होंने हमेशा लोगों की मदद की. अपना समय और अनुभव खुलकर साझा किया और सिर्फ अपने साथ होने भर से लोगों को बेहतर बना देते थे.
न्यूज साइट गीकवायर के अनुसार, सोमसेगर के निधन से माइक्रोसॉफ्ट, मैड्रोना, उनके साथ काम करने वाले स्टार्टअप्स और उन अनगिनत लोगों में शोक की लहर दौड़ गई जिन्हें उन्होंने दोस्त, मार्गदर्शक या निवेशक के रूप में सहयोग दिया था.
सोमसेगर ने चेन्नई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. आगे चलकर वह सिएटल क्षेत्र के सबसे प्रमुख भारतीय मूल के टेक अधिकारियों में शामिल हो गए.
उनका प्रभाव सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट तक सीमित नहीं था. उन्होंने स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल, एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. ऑनलाइन श्रद्धांजलियों के मुताबिक, वह सिएटल ऑर्कस क्रिकेट फ्रेंचाइजी से भी जुड़े हुए थे.
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एवाई/
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