
Bengaluru, 27 जून . कर्नाटक के उपChief Minister डी.के. शिवकुमार ने Saturday को कहा कि वे इतिहास रचना चाहते हैं. उन्होंने घोषणा की कि Government उन जमीन मालिकों के सम्मान में ‘कृतज्ञता की दीवारें’ बनाएगी जो जन-कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से अपनी जमीन दे देते हैं.
Bengaluru डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडीए) द्वारा विकसित केम्पेगौड़ा लेआउट में 517वीं केम्पेगौड़ा जयंती कार्यक्रम में बोलते हुए Chief Minister ने कहा, “Government ने उन ज़मीन मालिकों के नाम ‘आभार दीवार’ पर शामिल करने का फ़ैसला किया है जो बिना किसी आपत्ति के जन-कल्याणकारी परियोजनाओं, जैसे कि औद्योगिक क्षेत्र, स्कूल, झील और सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन देते हैं. इसके जरिए इन जमीन मालिकों के त्याग को याद किया जाएगा.”
उन्होंने कहा, “अंबेडकर ने कहा है कि जो इतिहास भूल जाता है, वह इतिहास नहीं बना सकता. इतिहास पढ़ने या याद रखने से ज्यादा, मुझे इतिहास बनाना पसंद है.”
उन्होंने भरोसा दिलाया, “हेब्बल के पास एक छोटी टनल रोड बनाने का काम कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा. Bengaluru दुनिया का एक शहर है. यहां ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए कई परियोजनाओं की योजना बनाई गई है, जिसमें एक बड़ी टनल रोड का निर्माण भी शामिल है. इसके साथ ही, अधिकारियों की एक टीम बनाई जाएगी. आपने मुझ पर जो बहुत ज्यादा भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरता रहूंगा.”
उन्होंने कहा, “आज हमने पूर्व Chief Minister एस.एम. कृष्णा के नाम पर बनी 10-लेन वाली सड़क का उद्घाटन किया है. यह सड़क 11 किलोमीटर पर ही नहीं रुकेगी. आगे चलकर इसे 123 किलोमीटर के कॉरिडोर के तौर पर बढ़ाया जाएगा. हम इस सड़क के किनारे ‘आभार दीवार’ बनाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं. इसके जरिए, कर्नाटक Government आने वाले दिनों में उन लोगों के नामों को हमेशा के लिए सुरक्षित रखने का काम करेगी जिन्होंने इस सड़क के लिए अपनी जमीन दी थी. ऐसा हर जगह किया जाएगा.”
उन्होंने कहा, “हमें उन लोगों की चिंता है जिनकी जमीन चली जाती है. केंगेरी और येलाहंका शहर कैसे बने? परमेश्वर तुमकुरु में एक टाउनशिप बनाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं. क्या वे भी जमीनें नहीं थीं? जन्म इत्तेफाक से होता है, मौत निश्चित है. मायने यह रखता है कि इस जन्म और मौत के बीच हम क्या उपलब्धि हासिल करते हैं या क्या त्याग करते हैं. मैं उन सभी लोगों को नमन करता हूं जिन्होंने इस 10-लेन वाली सड़क के लिए अपनी जमीन का त्याग किया.”
उन्होंने कहा, “हमें एक हरा-भरा Bengaluru बनाना है और इसके जरिए केम्पेगौड़ा की दूरदर्शी सोच को साकार करना है. इसी मकसद से, आज बीडीए की तरफ से 15 लाख पौधे लगाए गए हैं. यह एक ऐतिहासिक फैसला है. हम यह नहीं भूल सकते कि कृष्णा के समय में, बाल गंगाधरनाथ स्वामीजी ने 5 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया था. इसी तरह, Bengaluru में हर स्कूल को एक-एक इलाका संभालना चाहिए और बच्चों से वहाँ पेड़ लगवाने और उनकी देखभाल करवाने का कार्यक्रम चलाना चाहिए. इस मामले पर जीबीए से एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.”
उन्होंने कहा, “Bengaluru यूनिवर्सिटी में केम्पेगौड़ा स्टडी सेंटर बनाने का फैसला किया गया है. मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने अपने चुनाव क्षेत्र में 9.5 एकड़ जमीन दी है और वहीं केम्पेगौड़ा स्टडी सेंटर बनाने का फैसला हुआ है. हुथ्रिदुर्गा में 10 करोड़ रुपए का विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है. एस.एम. कृष्णा की उपलब्धियों को याद करते हुए, हमने इस सड़क का नाम उनके नाम पर रखा है. एस.एम. कृष्णा ने ही अर्कावती लेआउट, केम्पेगौड़ा लेआउट, शिवराम कारंत लेआउट और विकास सौधा बनवाया था.”
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एससीएच
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