
विशाखापत्तनम, 19 जुलाई . वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने Saturday को कहा कि सत्ता में वापसी होने पर विशाखापत्तनम नाव हादसे में जान गंवाने वाले छह मछुआरों के प्रत्येक परिवार को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. पार्टी ने हादसे में जीवित बचे मछुआरे चिन्ना को नई मछली पकड़ने वाली नाव देने का भी वादा किया.
पार्टी नेताओं ने प्रभावित सात परिवारों को 49 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की. प्रत्येक परिवार को 7-7 लाख रुपये दिए गए, जिनमें चिन्ना का परिवार भी शामिल है. वाईएसआरसीपी ने बताया कि यह सहायता पार्टी फंड से दी गई है और पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व Chief Minister वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने स्वयं इन चेकों पर हस्ताक्षर किए हैं.
वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि Government ने हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया होता तो छह मछुआरों की जान बचाई जा सकती थी. उनका दावा है कि Government ने करीब 18 घंटे की देरी से बचाव अभियान शुरू किया.
पार्टी ने आरोप लगाया कि घटना के 15 दिन बाद भी गठबंधन Government का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा और Government ने केवल 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली.
वाईएसआरसीपी नेताओं ने मत्स्य मंत्री अच्चन्नायडू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आंख की सर्जरी का हवाला देकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की, लेकिन पूर्व Chief Minister जगन मोहन रेड्डी की आलोचना करने के लिए समय निकाल लिया. वहीं गृह मंत्री वंगलापुडी अनिता पर आरोप लगाया कि उन्होंने केवल वीडियो कॉल के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी और पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचीं.
पार्टी नेताओं ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी स्वयं पीड़ित परिवारों से मिले, आर्थिक सहायता दी और उनके दुख में साथ खड़े रहे. उन्होंने दावा किया कि वाईएसआरसीपी Government के दौरान मछुआरों के लिए तेल सब्सिडी बढ़ाई गई, मत्स्यकारा भरोसा योजना लागू की गई और 50 वर्ष की आयु से पेंशन जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई थीं.
वाईएसआरसीपी ने कहा कि मछुआरों को सम्मान, सुरक्षा और समय पर सरकारी सहायता मिलनी चाहिए. पार्टी ने दोहराया कि सत्ता में आने पर सभी प्रभावित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा, चिन्ना को नई नाव और सभी पीड़ित परिवारों का समुचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा.
इस बीच, विजयवाड़ा में वाईएसआरसीपी ने कथित Police प्रताड़ना के बाद आत्महत्या करने वाले दलित युवक क्रांति कुमार के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी.
पार्टी ने बताया कि जगन मोहन रेड्डी के निर्देश पर वरिष्ठ नेताओं ने परिवार को सहायता राशि सौंपी. इसके साथ ही पार्टी ने क्रांति कुमार के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने और उनके गंभीर रूप से बीमार बेटे का मुफ्त इलाज कराने का भी ऐलान किया.
सहायता पैकेज के तहत उनकी बेटी के नाम 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट और दोनों बेटों के नाम 2.5-2.5 लाख रुपये की एफडी कराई गई है.
वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि गठबंधन Government ने दलितों को न्याय दिलाने में विफलता दिखाई और मामला तब तक दबाने की कोशिश की, जब तक जगन मोहन रेड्डी ने हस्तक्षेप नहीं किया. उन्होंने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई.
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि Government ने पीड़ित परिवार को वैधानिक मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की मुफ्त शिक्षा तथा कृषि भूमि और आवासीय भूखंड जैसी कानूनी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं.
वाईएसआरसीपी नेताओं के अनुसार, रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर से पीड़ित क्रांति कुमार के बेटे को पार्टी की पहल पर हैदराबाद के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसके इलाज का पूरा खर्च वाईएसआरसीपी वहन कर रही है. उन्होंने कहा कि जगन मोहन रेड्डी का यह कदम राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय संवेदना का परिचायक है.
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डीएससी
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