
भुवनेश्वर, 4 जून . Odisha के समुद्री तट की सुरक्षा को लेकर क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल ऑफ Police (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने महत्वपूर्ण बयान दिया. उन्होंने कहा कि Odisha का 460 किलोमीटर लंबा तटीय क्षेत्र न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील है.
डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “Odisha का समुद्री इलाका 460 किलोमीटर से अधिक लंबा है और इसकी सुरक्षा राज्य के लिए अत्यंत जरूरी है.”
उन्होंने बताया कि दस साल पहले समुद्री अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे. अगर कोई अपराधी समुद्र के रास्ते भाग जाता था तो Police बेबस हो जाती थी.
उन्होंने कहा, “इस कमी को समझते हुए Government ने हमें कई संसाधन उपलब्ध कराए हैं. पूरे Odisha में 18 Police स्टेशन बनाए गए हैं और नावें भी उपलब्ध कराई गई हैं.”
डीजीपी मिश्रा ने तटीय सुरक्षा को बहुआयामी चुनौती बताते हुए कहा कि इसमें भू-Political हित और आर्थिक गतिविधियां भी शामिल हैं. इस क्षेत्र में लगभग 18 से 20 केंद्रीय और राज्य एजेंसियां काम करती हैं.
उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और भूमिकाओं को स्पष्ट करने के उद्देश्य से एक सेमिनार का आयोजन किया गया था.
डीजीपी ने बालियांटा मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जब जांच सीआईडी ने अपने हाथ में ली, तो घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों की पहचान की गई. उन्होंने कहा, “उन्हें मोटे तौर पर दो समूहों में बांटा जा सकता है वे जो हिंसा में सीधे शामिल थे और वे जो केवल दर्शक थे.”
विनयतोष मिश्रा ने कहा कि तटीय सुरक्षा अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक, सामरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बन गया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य Government के सहयोग से पिछले वर्षों में काफी प्रगति हुई है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बाकी हैं. डीजीपी ने सभी संबंधित एजेंसियों से अपील की कि वे बेहतर समन्वय के साथ काम करें, ताकि समुद्री क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके. Odisha Government और Police विभाग तटीय क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, आधुनिक उपकरण लगाने और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की दिशा में सक्रिय है.
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डीकेपी
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