
गांधीनगर, 18 जुलाई . India ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विक्रम-1 ने अपने पहले ही मिशन में सफलता हासिल करते हुए तय समय पर सैटेलाइट को पृथ्वी से 450 किलोमीटर ऊंचाई पर निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया. इस उपलब्धि को India के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है.
इसरो Ahmedabad के पूर्व निदेशक निलेश एम. देसाई ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि 18 जुलाई 2026 को रात 12:05 बजे स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 लॉन्च व्हीकल का सफल प्रक्षेपण किया गया. लॉन्च के करीब 16 मिनट 20 सेकंड बाद, यानी लगभग 12:21 बजे, इसने अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए सैटेलाइट को 450 किलोमीटर की निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया.
निलेश देसाई ने कहा, “यह सिर्फ एक सफल लॉन्च नहीं, बल्कि देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है.”
देसाई ने आगे से कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद वर्ष 2020 में केंद्र Government द्वारा किए गए अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों का उद्देश्य India की वैश्विक स्पेस इकोनॉमी में हिस्सेदारी बढ़ाना था. उस समय India की हिस्सेदारी करीब 1.71 प्रतिशत थी, जिसे पहले 5 प्रतिशत और आगे चलकर 10 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया था. उन्होंने कहा कि विक्रम-1 की सफलता इसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है.
विक्रम-1 के प्रक्षेपण से पहले भी निलेश देसाई ने इसे भारतीय अंतरिक्ष उद्योग के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया था. उन्होंने कहा था कि स्काईरूट एयरोस्पेस का यह लॉन्च India की निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए एक नई शुरुआत साबित होगा.
उनके अनुसार, श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड (एफएलपी-1) से किसी निजी कंपनी के पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल का उड़ान भरना भारतीय स्पेस सेक्टर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा.
उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ एक रॉकेट लॉन्च नहीं, बल्कि India के निजी अंतरिक्ष उद्योग की क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगा.
विक्रम-1 मिशन की सफलता के बाद Prime Minister Narendra Modi, इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और उद्योगपति गौतम अदाणी सहित कई दिग्गज हस्तियों ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को बधाई दी.
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विक्रम-1 की पहली ऑर्बिटल उड़ान में सभी मिशन उद्देश्यों की सफलता India के तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर है.
उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापकों पवन चंदाना, नागा भरत डाका, पूरी टीम, इसरो और इन-स्पेस को बधाई देते हुए कहा कि India के निजी स्पेस सेक्टर ने आज एक नया इतिहास रच दिया है.
गौतम अदाणी ने कहा, “विक्रम-1 ने अपनी पहली ही ऑर्बिटल उड़ान में सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर India के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत कर दी है. यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना का सच्चा उदाहरण है.”
वहीं, इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 की पहली सफल ऑर्बिटल लॉन्चिंग India के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस इकोसिस्टम की बड़ी उपलब्धि है और यह देश के निजी स्पेस सेक्टर की तेज प्रगति को दर्शाती है.
सफल ऑर्बिटल मिशन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी की स्थापना के केवल 8 वर्षों के भीतर ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित करना और पहले ही प्रयास में मिशन को सफल बनाना एक असाधारण उपलब्धि है.
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डीबीपी
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