उपराष्ट्रपति का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा, अकादमी में नौकरशाहों को करेंगे संबोधित

New Delhi, 18 अगस्त . उपPresident सी.पी. राधाकृष्णन Wednesday से शुरू हो रही उत्तराखंड की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान नौकरशाहों और फॉरेस्ट सर्विस के नए अधिकारियों का हौसला बढ़ाएंगे.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राधाकृष्णन Thursday को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में 2024 बैच के आईएएस प्रोफेशनल कोर्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे.

अकादमी के दौरे के दौरान, उपPresident सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व Prime Minister स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि भी अर्पित करेंगे.

बयान में कहा गया है कि अपनी यात्रा के पहले दिन उपPresident राधाकृष्णन देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) पहुंचेंगे, जहां वे 2025-27 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) प्रोबेशनर्स को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे.

इससे पहले, तिरुवरुर में तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए उपPresident ने कहा कि केवल ज्ञान ही काफी नहीं है; भविष्य के लिए जीवन भर सीखते रहना, इनोवेशन और परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता जरूरी है.

उन्होंने ग्रेजुएट्स से आग्रह किया कि वे “ज्ञान के उपभोक्ता के बजाय निर्माता, नकल करने वाले के बजाय इनोवेटर और अनुयायी के बजाय लीडर बनें.”

हाल ही में संसद द्वारा पारित ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक’ का जिक्र करते हुए उपPresident ने कहा कि परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकना और छात्रों के हितों की रक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण है.

Jharkhand के Governor के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए उपPresident सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान Jharkhand Government ने भी ऐसा ही एक विधेयक पारित किया था और तत्कालीन Governor के तौर पर उन्होंने तुरंत उस पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे वह कानून बन सका.

उन्होंने कहा, “अच्छे लोगों के हितों की रक्षा के लिए समाज के बुरे तत्वों को सजा दी जानी चाहिए.” उन्होंने सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और शुचिता की रक्षा के लिए कड़े उपायों की जरूरत पर जोर दिया.

तंजावुर में अपने कैंपस में एसएएसटीआरए डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूबी और सिल्वर जुबली समापन समारोह के मौके पर आयोजित एक अलग कार्यक्रम में उपPresident ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा में सुधार युवाओं के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था के प्रति केंद्र Government की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

उपPresident राधाकृष्णन ने Prime Minister Narendra Modi की शिक्षा नीतियों की सराहना की और उन्हें ‘क्रांतिकारी’ और ‘प्रगतिशील’ बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 केजी से लेकर पीएचडी तक सभी स्तरों पर शिक्षा की प्रगति के लिए एक मार्गदर्शक स्तंभ है.

उन्होंने भरोसा जताया कि India उच्च शिक्षा में अपने सकल नामांकन अनुपात को मौजूदा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 2035 तक लक्षित 50 प्रतिशत तक ले जाएगा.

उन्होंने कहा, “कई उपायों के जरिए केंद्र Government एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बना रही है जो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए स्वतंत्र तकनीकी क्षमताएं विकसित करने में सक्षम है.”

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