वेदांता ने रचा इतिहास, BSE और NSE पर चार स्वतंत्र कंपनियों की हुई लिस्टिंग

एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर और आयरन एंड स्टील सेक्टर में एक साथ सबसे बड़ी Stock Exchange Listing

नई सूचीबद्ध कंपनियों ने एक्सचेंज पर की मजबूत शुरुआत, आज से शुरू होगी ट्रेडिंग

मुंबई। Vedanta Limited ने भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को BSE और NSE पर सूचीबद्ध कर दिया। इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, Critical Minerals, Aluminium, Oil & Gas, Power तथा Iron & Steel क्षेत्रों में केंद्रित विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये सभी व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।

वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर की लिस्टिंग भविष्य के लिए तैयार एक परिवर्तनकारी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य Value Unlock करना, व्यवसायों पर फोकस बढ़ाना और भारत को वैश्विक आर्थिक एवं विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में Sector-Leading Companies तैयार करना है। ये नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ BSE और NSE पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी। वेदांता लिमिटेड की आधारशिला Hindustan Zinc Limited और Critical Minerals व्यवसायों के वैश्विक महत्व वाले पोर्टफोलियो पर आधारित है।

लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन Anil Agarwal ने कहा कि यह वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक अवसर है। उन्होंने बताया कि 24 वर्ष पहले वेदांता London Stock Exchange पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर FTSE-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया। उन्होंने कहा कि उस समय बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए व्यवसाय अब अपने-अपने क्षेत्रों में अग्रणी बनने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि मुंबई वह शहर है जहां उनकी कारोबारी यात्रा की शुरुआत हुई थी और अब वेदांता के विकास का नया अध्याय भी यहीं से शुरू हो रहा है। उन्होंने शेयरधारकों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने 300 प्रतिशत से अधिक Total Shareholder Return दिया है, जो निफ्टी के रिटर्न से लगभग पांच गुना अधिक है। इसके साथ ही 70 प्रतिशत से अधिक का Cumulative Dividend Yield भी प्रदान किया गया है।

अनिल अग्रवाल ने कहा कि Artificial Intelligence, Advanced Manufacturing और Energy Transition से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में Minerals, Metals और Energy Resources की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है, जबकि भविष्य में आत्मनिर्भरता हासिल करना आवश्यक होगा। उनके अनुसार, आज सूचीबद्ध हुई कंपनियां इन महत्वपूर्ण संसाधनों की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि इन कंपनियों का उद्देश्य केवल कारोबार का विस्तार करना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्र की सेवा करना, शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना, भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करना और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए शेयरधारकों का विश्वास, सरकार का सहयोग और देशवासियों की आकांक्षाएं बेहद महत्वपूर्ण होंगी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे तेज बदलावों के बीच उन्होंने कहा कि आने वाला समय खनिजों, धातुओं और ऊर्जा संसाधनों का होगा। उनके अनुसार, वेदांता की पांचों सूचीबद्ध कंपनियां ऐसे क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं जो भारत की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इस अवसर पर BSE के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ Sundararaman Ramamurthy ने वेदांता की विकास यात्रा की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन से अमूल्य रत्न प्राप्त हुए थे, उसी प्रकार वेदांता ने धरती के भीतर छिपी प्राकृतिक संपदाओं को खोजकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।