
New Delhi, 27 जुलाई . भाजपा नेता नेता मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर और बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा एंटी-पेपर लीक बिल और एनटीए सुधार टास्क फोर्स पर प्रतिक्रियाएं दी.
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने से बातचीत में कहा, “पीएम Narendra Modi समस्याओं को सुलझाने के लिए बहुत समझदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग लगातार Political रुकावटें पैदा करने में लगे हुए हैं. आज जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का लोकतांत्रिक जोश और जज्बा सम्मान के काबिल है. हालांकि सभी को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वैश्विक संकट के इस दौर में कोई ऐसी ताकत न उभरे जो देश में अस्थिरता का माहौल बनाए और India को संकट का सामना कर रहे देशों की श्रेणी में धकेल दे.”
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “मेरा मानना है कि वंदे मातरम को लेकर जो Political असहिष्णुता और सांप्रदायिक छुआछूत का माहौल है, उसे खत्म किया जाना चाहिए. वंदे मातरम India की आत्मा है. यह India के सम्मान, गौरव और शान से जुड़ा है और जो लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, वे सफल नहीं होंगे.”
पीएम मोदी द्वारा टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की घोषणा पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “यह एक बहुत अच्छी कमेटी है. आप सभी ने नाम देखे हैं. नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनाई गई टास्क फोर्स में अपने-अपने क्षेत्रों के एक्सपर्ट शामिल हैं. मेरा मानना है कि एक बार जब प्रस्तावित कानून बन जाएगा और टास्क फोर्स पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगी, तो देश में पेपर लीक जैसी घटनाएं सुनने को नहीं मिलेंगी.”
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव को गठबंधन के प्रस्ताव पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “अगर पूरा विपक्ष भी एक साथ आ जाए, तो भी वह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को नहीं हरा पाएगा. हम निर्णायक बहुमत के साथ Government बनाएंगे.”
बिहार के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा, “पीएम Narendra Modi पेपर लीक की घटनाओं से बहुत दुखी थे. उन्हें इस बात से खास तौर पर दुख हुआ कि इसकी वजह से कुछ छात्रों की जान चली गई. देश के अभिभावक के तौर पर उन्होंने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया और सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया. उन्होंने जो कमेटी और टास्क फोर्स बनाई है, उसमें ऐसे एक्सपर्ट शामिल हैं जो इस मामले की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करने के तरीके खोजेंगे कि India में कहीं भी किसी भी कीमत पर पेपर लीक दोबारा न हो. अगर कोई ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलेगी, जिसमें 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना शामिल है. यह कोई छोटी बात नहीं है.”
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ओपी/
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