
New Delhi, 4 अगस्त . India के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच ने Monday को बैठक की. इस बैठक के दौरान दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की विस्तार से समीक्षा की.
सैदोव इन दिनों India की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. बैठक के दौरान डॉ. एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा, “मंत्री बख्तियार सैदोव, दोनों डेलीगेशन के सदस्यों, मैं कहना चाहता हूं कि आपका और आपके डेलीगेशन का India में स्वागत करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है. मैं आपको बता सकता हूं, एक दोस्त के तौर पर, मैं आपको देखकर सच में बहुत खुश हूं और मुझे पूरा भरोसा है कि आज की हमारी मीटिंग निश्चित रूप से हमारे संबंधों को और गहरा करने में मदद करेगी.”
उन्होंने कहा कि अब, हम India में उज्बेकिस्तान को अपने बड़े पड़ोस का हिस्सा मानते हैं और दोनों तरफ से लोगों, विचारों और चीजों का लगातार लेन-देन होता रहा है. हमारे बीच बहुत पुराना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी है.
विदेश मंत्री ने कहा कि आजकल, Political स्तर पर, हमारे सिस्टम के बीच संस्थागत स्तर पर लगातार बातचीत होती रही है और मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि हमारे संबंधों में लगातार तेजी आई है. हमारी लीडरशिप ने बहुत करीबी संपर्क बनाए रखा है और मेरे Prime Minister आपके President का बहुत खास सम्मान करते हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में हमारे द्विपक्षीय संबंध बढ़े हैं और आज वे कंस्ट्रक्शन और डिजिटल से लेकर ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा तक बहुत अलग-अलग तरह के डोमेन में फैले हुए हैं, हम इसे माइनिंग में भी ले जाना चाहते हैं और आज हमारा व्यापार करीब एक बिलियन डॉलर का है, हमें पक्का लगता है कि यह नंबर बढ़ना चाहिए.
डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि हमने भारत-उज्बेकिस्तान कॉन्टैक्ट्स के लिए एक पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप बनाया है और हमें उम्मीद है कि हमारे रिप्रेजेंटेटिव्स के बीच ये नियमित संपर्क हमारे संबंधों को और मजबूत करने में मददगार होंगे.”
उन्होंने कहा कि विदेश नीति के मामले में, विकासशील देशों के तौर पर हम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक जैसे विचार साझा करते हैं, खासकर जब बात आतंकवाद, उग्रवाद और ड्रग तस्करी की आती है. हम शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समेत कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय फोरम पर एक साथ हैं. हम इस बात की बहुत सराहना करते हैं कि उज्बेकिस्तान की Government और लोगों ने आतंकवाद के हर रूप से लड़ने के लिए मजबूत स्टैंड लिया है. आपकी अपनी चुनैतियां और अपने अनुभव हैं, लेकिन हम जानते हैं कि हम दोनों ने ही क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाया है.
विदेश मंत्री ने आखिर में कहा, “India इस साल ब्रिक्स का अध्यक्ष है. मैं साझेदार देश के तौर पर ब्रिक्स की गतिविधियों और पहलों में आपके दिए गए समर्थन के लिए आपकी सराहना करना चाहता हूं. मैं अपनी तरफ से 2027-2029 के समय के लिए नॉन अलाइनमेंट मूवमेंट की चेयरपर्सनशिप के लिए उज्बेकिस्तान को अपना समर्थन देना चाहता हूं.”
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एएस
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