
देहरादून, 3 जुलाई . छत्तीसगढ़ Government द्वारा उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट (आरएडब्ल्यू) मांगे जाने के बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने इसे राज्य की शिक्षा सुधार नीति की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से जब भी कोई नई पहल शुरू हुई है, उसे देशभर में व्यापक स्वीकार्यता मिली है और नागरिकों ने उसे सकारात्मक रूप से अपनाया है.
शादाब शम्स ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर ‘वन नेशन, वन लॉ’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया. उत्तराखंड के बाद Gujarat, असम और Maharashtra सहित कई अन्य राज्य भी यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, यह दर्शाता है कि उत्तराखंड देश में नीतिगत बदलावों का अग्रदूत बनकर उभरा है.
उन्होंने कहा कि मोदी-धामी Government की अगली महत्वपूर्ण पहल मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन करना रही.
शादाब शम्स ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी विद्यार्थियों के लिए उत्तराखंड शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित तथा एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम का अध्ययन अनिवार्य होगा. यह कदम ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की अवधारणा को मजबूत करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था में समानता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है.
शादाब शम्स ने Chief Minister पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड ने शिक्षा सुधार के क्षेत्र में ऐसी मजबूत लकीर खींची है, जिसका अनुसरण अब अन्य राज्य भी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ Government द्वारा उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट मांगा जाना इस बात का संकेत है कि वह भी इस मॉडल का अध्ययन कर उसे लागू करने की दिशा में विचार कर रही है.
उन्होंने कहा कि ‘पढ़ेगा India तो बढ़ेगा भारत’ की भावना के साथ यह पहल देश के भविष्य को मजबूत बनाने का माध्यम बनेगी. शादाब शम्स ने कहा कि डबल इंजन Government की नीतियों का प्रभाव अब विभिन्न राज्यों में दिखाई देने लगा है और उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देश ‘वन नेशन, वन लॉ’ के साथ-साथ ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है. शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता और गुणवत्ता लाने की यह पहल विकसित India के निर्माण की दिशा में एक मजबूत, दूरदर्शी और सधा हुआ कदम साबित होगी.
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एएसएच/
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