
देहरादून, 3 अगस्त . डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ईडी) के देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने पीएमएलए, 2002 के तहत एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है. इसके तहत हेमंत ईश्वर शर्मा की लगभग 8.54 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है. उन पर आरोप है कि उन्होंने भोले-भाले लोगों को अपनी आइसलैंड में रजिस्टर्ड वेबसाइट बीटीसीफंड.आईएस पर बिटकॉइन में निवेश करने का लालच देकर ठगा था.
ईडी ने देहरादून के राजपुर Police स्टेशन में दर्ज First Information Report के आधार पर जांच शुरू की थी. यह First Information Report हेमंत ईश्वर शर्मा के खिलाफ आईपीसी, 1860 के तहत दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर बीटीसीफंड.आईएस वेबसाइट के जरिए निवेशकों को ठगने का आरोप था. इसी तरह की एक और First Information Report उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर Police स्टेशन में भी दर्ज की गई थी. यह First Information Report हेमंत ईश्वर शर्मा और अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत इसी धोखाधड़ी वाली स्कीम के संबंध में दर्ज की गई थी.
जांच से पता चला कि हेमंत ईश्वर शर्मा ने बीटीसीफंड.आईएस नाम की वेबसाइट के जरिए बिटकॉइन में निवेश करने के बहाने आम लोगों से धोखाधड़ी करके बड़ी रकम जमा की थी. यह वेबसाइट उसके कंट्रोल में थी. उसने ज्यादा रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया और झूठा दावा किया कि कई विदेशी नागरिक कंपनी से जुड़े हैं, जिससे यह स्कीम भरोसेमंद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित लगी. इन झूठे दावों के कारण पूरे India से निवेशकों ने इस प्लेटफॉर्म पर पैसे जमा किए. उसने लगभग 5 साल (2014-18) तक यह धोखाधड़ी वाली स्कीम चलाई और जब वह लोगों का भरोसा जीतने और वेबसाइट के जरिए काफी बिटकॉइन जमा करने में कामयाब हो गया, तो उसने अचानक वेबसाइट बंद कर दी, जिससे निवेशक असहाय, ठगा हुआ और धोखा खाया हुआ महसूस करने लगे.
ब्लॉकचेन एनालिसिस से पता चला कि अपराध से हासिल लगभग 856.23 बीटीसी (200 करोड़ रुपए) की रकम उसके पास थी, जिसे उसने क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए रियल एस्टेट और गाड़ियां खरीदने तथा अपने घर के रेनोवेशन में इस्तेमाल किया.
जांच से पता चला कि हेमंत शर्मा के पास बीटीसीफंड.आईएस से मिले फंड के अलावा कमाई का कोई और जरिया नहीं था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने आलीशान और शानदार जिंदगी जीने के लिए किया. अपनी कोई औपचारिक आय न होने के बावजूद, उन्होंने दो बीएमडब्ल्यू कारें, देहरादून के एक पॉश इलाके में एक बंगला और देहरादून व आस-पास के इलाकों में करोड़ों रुपए की कई अचल संपत्तियां खरीदीं और उन्हें बनाए रखा. इससे पहले ईडी ने हेमंत शर्मा की 4.56 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था. हेमंत शर्मा को ईडी ने गिरफ्तार किया था और वे अभी देहरादून की सिद्दोवाला जेल में बंद हैं.
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एमएस/
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