उत्तराखंड: सीएम धामी ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर अर्पित की पुष्पांजलि

देहरादून, 16 अगस्त . उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व Prime Minister और भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर Chief Minister आवास में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी.

Chief Minister धामी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मां भारती के उपासक, राष्ट्रवादी चिंतक, प्रखर वक्ता, प्रख्यात कवि और लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी थे. उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, सुशासन, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक आदर्शों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा.

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में उच्च आदर्शों और मूल्यों की स्थापना की. उन्होंने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ ही India को विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी दूरदर्शी सोच, सरल एवं सहज व्यक्तित्व तथा राष्ट्रहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा.

उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. महेंद्र भट्ट ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रसेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले, हमारे प्रेरणा स्रोत, India के यशस्वी पूर्व Prime Minister और भारतीय जनता पार्टी के पितामह परम श्रद्धेय India रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन.”

भाजपा की राज्य इकाई ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारतीय राजनीति के अजातशत्रु, राष्ट्रसेवा के अनथक साधक और असंख्य कार्यकर्ताओं के प्रेरणापुंज, India रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि. उनका जीवन, उनका विचार और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी.”

अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मार्च 1996 तक और फिर 19 मार्च 1998 से 13 मई 2004 तक देश के Prime Minister रहे. वे जवाहर लाल नेहरू के बाद लगातार तीन Lok Sabha चुनाव जीतकर Prime Minister बनने वाले पहले नेता थे. पीएम Narendra Modi से पहले और इंदिरा गांधी के बाद लगातार तीन बार अपने नेतृत्व में पार्टी को जीत दिलाने वाले Prime Minister का गौरव वाजपेयी के नाम रहा. अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे नेता थे, जिन्हें चार अलग-अलग राज्यों (उत्तर प्रदेश, Gujarat, Madhya Pradesh और दिल्ली) से चुनाव जीतकर Lok Sabha पहुंचने का गौरव हासिल था.

चार दशकों के अपने शानदार संसदीय करियर में वे नौ बार Lok Sabha और दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए. ग्वालियर में एक साधारण परिवार से निकलकर India के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले वाजपेयी को राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए 1992 में पद्म विभूषण मिला और 2015 में उन्हें India का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, India रत्न से सम्मानित किया गया.

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