
New Delhi, 10 जून . दिल्ली में 30 जून से शुरू होने जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर Political सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी संदर्भ में Wednesday को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक बीएलओ प्रशिक्षण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सीमापुरी प्रत्याशी राजेश लिलोठिया तथा पूर्व सीलमपुर विधायक अब्दुल रहमान ने हिस्सा लिया. बैठक में एसआईआर के दौरान वोटर सहायता, दस्तावेजों की मदद और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठ रही चिंताओं पर चर्चा हुई.
राजेश लिलोठिया ने कहा कि कांग्रेस इस बात पर विशेष ध्यान दे रही है कि मतदाता सूची के साथ किसी तरह की अनियमितता न हो. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं और कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसी स्थिति दिल्ली में न बने. पार्टी के बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) अपने-अपने क्षेत्रों में सूची की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटे और न ही कोई योग्य व्यक्ति सूची से बाहर रह जाए.
लिलोठिया ने आगे कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस बात के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित हैं कि वे मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सुधारने की प्रक्रिया को समझें और नागरिकों की मदद करें. यदि किसी व्यक्ति का नाम 2002 की सूची में नहीं था, लेकिन उसके माता-पिता का नाम सूची में मौजूद है, तो अन्य दस्तावेजों के आधार पर मतदाता पंजीकरण संभव है. लगभग 13 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी भी एक या दो दस्तावेजों के आधार पर वोटर आईडी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. पार्टी का उद्देश्य है कि हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और कोई भी नागरिक अपने अधिकार से वंचित न रहे.
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि आगामी एसआईआर को लेकर पार्टी पहले से ही पूरी तैयारी कर चुकी है. दिल्ली में कांग्रेस के हजारों बूथ एजेंट सक्रिय किए जा चुके हैं और वे मतदाता सूची की निगरानी करेंगे. भारतीय जनता पार्टी पर अक्सर यह आरोप लगता है कि वह चुनावों के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर करने का प्रयास करती है. कांग्रेस इस तरह की किसी भी गतिविधि पर नजर रखेगी और उसे रोकने के लिए जमीनी स्तर पर काम करेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब एसआईआर जैसी प्रक्रिया लागू की जा रही है, लेकिन इस बार लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद इसे दोबारा लागू किया जा रहा है. कांग्रेस सुनिश्चित करेगी कि मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न हो.
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे मतदाता सूची को लेकर जागरूकता फैलाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर बूथ स्तर पर सही जानकारी पहुंचाई जाए. उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना है और किसी भी प्रकार की वोट कटिंग या नाम हटाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा.
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पीआईएम/एबीएम
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