
Lucknow, 19 मई . उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने नोएडा में बिल्डर्स-बॉयर्स विवादों के त्वरित निस्तारण और अधूरे प्रोजेक्टों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने डिफाल्टर बिल्डर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सिंगल बिड अलॉटमेंट की जांच कराने और पांच प्रतिशत प्लॉट बैकलॉग को तीन महीने में समाप्त करने के आदेश दिए.
Tuesday को पिकअप भवन सभागार में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मंत्री नन्दी ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा कि नोएडा को और बेहतर, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर बदलाव किए जाएं. बिल्डर्स और फ्लैट बॉयर्स की समस्याओं का समाधान Government की प्राथमिकता है.
उन्होंने अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षों से अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पुनर्जीवित किया जाए और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाई जाए.
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 57 परियोजनाएं इस नीति के दायरे में आई थीं, जिनमें से 36 बिल्डर्स ने 25 प्रतिशत धनराशि जमा कर दी है, जबकि छह बिल्डर्स ने अब तक कोई भुगतान नहीं किया. इस पर मंत्री नन्दी ने कहा कि लोगों की खून-पसीने की कमाई वर्षों से फंसी हुई है और फ्लैट मिलने के बावजूद लोग रजिस्ट्री न होने के कारण किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं.
उन्होंने सनसाइन इंफ्रा, महागुन, अंतरिक्ष डेवलपर और परफेक्ट एसोटेक समेत कई बिल्डर्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री नन्दी ने सिंगल बिड के जरिए किए जा रहे अलॉटमेंट पर भी सवाल उठाए और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की.
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से एक ही फर्म को जल आपूर्ति और टॉयलेट रखरखाव का काम दिए जाने की शिकायतें गंभीर हैं और इसकी जांच कराई जाए. दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए.
उन्होंने नोएडा में अवैध कब्जों और अवैध निर्माण पर चिंता जताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए.
मंत्री नन्दी ने नोएडा के सभी 168 सेक्टरों में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा लापरवाही पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नोएडा आज उत्तर प्रदेश का “मुकुट” बन चुका है और उसकी वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के लिए शहर को स्वच्छ, हराभरा और सुंदर बनाना जरूरी है.
उन्होंने अधिकारियों को पार्कों की स्थिति सुधारने, एंट्री प्वाइंट और सड़कों के किनारे बड़े स्तर पर पौधरोपण करने तथा इंडस्ट्रियल एरिया में भी ग्रीनरी अनिवार्य करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि हॉर्टिकल्चर विभाग पर हर वर्ष खर्च होने वाली 170 करोड़ रुपये की राशि का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए. बैठक में जल आपूर्ति और सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई. साथ ही पिछले वर्षों में जारी सभी आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) की जांच कराने के निर्देश दिए.
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विकेटी/एएसएच
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