
New Delhi, 23 मई . चार दिवसीय India दौरे पर आए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो कोलकाता से New Delhi पहुंच गए हैं. India के विदेश मंत्रालय ने एक तस्वीर जारी कर इसकी जानकारी दी.
एमईए (India के विदेश मंत्रालय) ने एक्स पर लिखा, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का दिल्ली में स्वागत है, साथ ही उम्मीद जताई कि उनका दौरा भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने में मदद करेगा.
रूबियो Saturday को ही कोलकाता पहुंचे; वहां से वो New Delhi के लिए रवाना हुए. India में अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर ने विमान के भीतर की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वो रूबियो के साथ देखे जा सकते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपनी यात्रा की शुरुआत कोलकाता से की, जहां उन्होंने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ का भी दौरा किया, जिस पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने टिप्पणी की कि ऐसे पल ही हमें याद दिलाते हैं कि अमेरिका-India की साझेदारी न केवल मजबूत नीतियों पर टिकी है, बल्कि साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की भावना पर भी आधारित है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के दौरे के दौरान भारत-अमेरिका साझेदारी की गहरी नींव पर प्रकाश डाला.
पिछले साल पदभार संभालने के बाद रूबियो की यह पहली India यात्रा है. वे Saturday सुबह शहर में उतरे और पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. अमेरिकी विदेश मंत्री इस दौरे के दौरान आगरा और jaipur सहित India के कई शहरों की यात्रा करेंगे.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, रूबियो का New Delhi में Prime Minister Narendra Modi से मुलाकात करने का कार्यक्रम तय है. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब वाशिंगटन और New Delhi बदलते वैश्विक भू-Political चुनौतियों के बीच रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर सहयोग को और गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं.
रूबियो, Sunday को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करने वाले हैं. इसके बाद वे Tuesday को New Delhi में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे. इसका हिस्सा भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान हैं.
क्वाड बैठक 26 मई को New Delhi में होनी है. इसकी मेजबानी विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे. इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के अलावा ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे.
चर्चा का मुख्य केंद्र इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना होगा. साथ ही बदलते भू-Political समीकरणों के बीच रक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग का विस्तार करना होगा.
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केआर/
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