अमेरिकी सांसदों ने कोरोना से जूझ रहे भारत की मदद के लिए बाइडन प्रशासन को सराहा

वाशिंगटन . भारत में कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न स्थिति पर चिंता प्रटट करते हुए अमेरिकी सांसदों ने देश को 10 करोड़ डॉलर (Dollar) की मदद देने के लिए बाइडन प्रशासन की प्रशंसा की है. कांग्रेस सदस्य टॉम सूजी ने कहा कि भारत में स्थिति बेहद गंभीर है. सीनेट के सदस्य कोरी बूकर ने ट्वीट किया, हम यह नहीं भूल सकते कि यह एक वैश्विक महामारी (Epidemic) है. कोरोना से लड़ने के लिए जरूरी टीकों एवं अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति में हमें दूसरे देशों की मदद करनी होगी.

उन्होंने कहा कि भारत को सहायता उपलब्ध कराने का राष्ट्रपति बाइडन का निर्णय सही समय पर उठाया गया कदम है, क्योंकि भारत इन दिनों कोरोना (Corona virus) के अनियंत्रित प्रसार के बीच निराश करने वाली स्थितियों से जूझ रहा है. टॉम सूजी ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) मामलों की नई लहर से लड़ रहे भारत के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए, बाइडन प्रशासन ने 10 करोड़ डॉलर (Dollar) से अधिक मूल्य की आपूर्ति की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें अत्यावश्क ऑक्सीजन, उपकरण, पीपीई किट और अग्रिम मोर्चे के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सहायता, जांच एवं टीका उत्पादन आपूर्ति, दवाइयां और जनस्वास्थ्य सहयोग शामिल है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका सरकार की सहायता उड़ानों ने शुक्रवार (Friday) से भारत पहुंचना शुरू कर दिया है यह क्रम अगले हफ्ते भी जारी रहेगा. सूजी ने कहा हमारा भारतीय अमेरिकी समुदाय वहां घर पर अपने परिवार एवं दोस्तों को लेकर चिंतित है. हम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और भारत के लोगों को हमारे देश की मानवीय सहायता के साथ ही हमारी प्रार्थनाओं की भी जरूरत है.

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद (Member of parliament) प्रमिला जयपाल ने कहा कि यह वैश्विक महामारी (Epidemic) है और जब तक इस वायरस को हर जगह से खत्म नहीं कर दिया जाता, कोई भी इससे उबर नहीं सकता. जयपाल ने कहा, भारत को इस समय हमारी मदद की जरूरत है. उन्होंने कहा हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस कठिन स्थिति से उबरने में भारत की सहायता करें. मदद का हाथ बढ़ाते हुए विमानन कंपनी बोइंग ने कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ भारत की जंग को समर्थन देने के लिए एक करोड़ डॉलर (Dollar) के आपातकालीन सहायता पैकेज की शुक्रवार (Friday) को घोषणा की है. कंपनी ने एक बयान में कहा कि बोइंग की तरफ से यह मदद राहत कार्यों में लगे संगठनों को भेजी जाएगी, जिसमें चिकित्सीय आपूर्ति एवं कोविड-19 (Covid-19) से जूझ रहे समुदायों एवं परिवारों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा देना भी शामिल है.

बोइंग ने कहा वह स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के साथ साझेदारी कर और चिकित्सीय, सरकारी एवं जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर उन इलाकों में यह एक करोड़ डॉलर (Dollar) की मदद भेजेगी, जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत होगी. इससे पहले मास्टरकार्ड ने भी भारत को एक करोड़ डॉलर (Dollar) की मदद देने की घोषणा की थी. उधर, बाइडन प्रशासन ने यह भी कहा कि भारत में कोविड-19 (Covid-19) की स्थिति भले ही भयावह हो, लेकिन कोरोना (Corona virus) के मामले अब भी चरम पर नहीं पहुंचे हैं.

वैश्विक कोविड प्रतिक्रिया एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विदेश मंत्रालय के समन्वयक गेल ई स्मिथ ने कहा भारत में वायरस के मामले बढ़ने से स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है. भारत में लगभग हर दिन संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. यह संकट अब भी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि इस समस्या पर कुछ समय के लिए तत्काल एवं लगातार ध्यान देने की जरूरत है. इसलिए हमने ऑक्सीजन, पीपीई किट, टीका उत्पादन आपूर्ति, जांच एवं अन्य महत्त्वपूर्ण आपूर्तियों पर तत्काल ध्यान दिया है.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला देवी हैरिस ने भारत में कोरोना (Corona virus) संक्रमण की स्थिति को त्रासदी करार देते हुए कहा है कि उन्होंने इस चुनौती से लड़ने के लिए देश को मदद देने की प्रतिबद्धता जताई है. हैरिस ने ओहियो के सिनसिनाती में संवाददाताओं से बातचीत में कहा इसमें कोई शक नहीं कि यह बड़ी त्रासदी है. एक राष्ट्र के तौर पर हमने भारत के लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्धता जताई है.

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