अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए में सेंध

नई दिल्ली (New Delhi) . अमेरिका ने सभी सैन्य कर्मियों, नागरिक अधिकारियों और ठेकेदारों से हवाना में अमेरिकी दूतावास के राजनयिक और खुफिया एजेंसी सीआईए अधिकारियों को हुई बीमारियों की तरह किसी भी विषम स्वास्थ्य प्रकरण को रिपोर्ट करने को कहा है. इसे लेकर अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन ने चिट्ठी लिखी है ताकि जिन्हें जरूरत हो उन्हें इलाज मिल सके. कहा गया है कि किसी भी पीड़ित अधिकारी को जल्द से जल्द उस क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए और अपने सीनियर अधिकारियों को विस्तार से पूरी बात बतानी चाहिए. हाल के दिनों में कई अधिकारी एक तरह की बीमारी से पीड़ित हुए हैं. इसमें हवाना सिंड्रोम जैसे कि मतली, सिरदर्द, दर्द और चक्कर जैसे लक्षण हैं.

सीआईए के डिप्टी डायरेक्टर डेविड एस कोहेन ने बीमार हो रहे अधिकारियों को लेकर बताया है कि हम नतीजे के करीब पहुंच रहे हैं लेकिन अब तक किसी फैसले पर नहीं पहुंचे हैं. उन्होंने इसे क्लासिक खुफिया समस्या बताया है. कहा है कि यह एक गंभीर समस्या है. यह हमारे अधिकारियों को प्रभावित कर रहा है. हम इसका पता कर रहे हैं. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे कई देशों की खुफिया एजेंसियां शामिल हो सकती हैं जिनका अलग-अलग मकसद हो सकता है. शीत युद्ध काल में सोवियत संघ ने ऐसे कुछ टूल बनाए थे जिनके लक्षण इन हमलों की तरह संकेत दे रहे हैं. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि रूसी खुफिया एजेंसी जीआरयू ने हवाला सिंड्रोम के कुछ मामलों में छ्पिकर बातें सुनने के लिए किया गया था लेकिन जानबूझकर किसी को घायल करने के लिए नहीं. ऐसे में इसके पीछे रूस का होने की संभावना कम है. जुलाई में, सीआईए के निदेशक विलियम जे बर्न्स ने बताया था कि हवाना सिंड्रोम के करीब 200 मामले थे, जिनमें से आधे एजेंसी कर्मियों से जुड़े थे. तब से कई एपिसोड हुए हैं, जिसमें से एक वियतनाम में भी शामिल है, जिसने अस्थायी रूप से उप राष्ट्रपति कमला हैरिस की यात्रा में देरी की.

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