
New Delhi, 3 अगस्त . India के विभिन्न महानगरों और बड़े शहरों में स्थित अमेरिकी महावाणिज्यदूतावास के दूत New Delhi पहुंचे. इनका स्वागत अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर ने किया. गोर ने Monday को एक तस्वीर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर गोर ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाते हुए लिखा, “India भर से आए अमेरिकी महावाणिज्य दूतों का New Delhi में स्वागत करना हमेशा सुखद अनुभव होता है. उनके मजबूत नेतृत्व और हमारी टीमों के उत्कृष्ट काम की वजह से अमेरिका-India साझेदारी व्यापार, तकनीक, रक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही है. इसी गति को बनाए रखने की पूरी उम्मीद है.”
India में अमेरिका के प्रमुख महावाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट जनरल) Mumbai , चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में स्थित हैं, इसके अलावा New Delhi में मुख्य अमेरिकी दूतावास और Bengaluru में नया कार्यालय मौजूद है.
हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं. मई महीने में ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो India आए थे तब दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे. जिसका मकसद महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है. ये वही जरूरी पदार्थ हैं जो सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सोलर पैनल और हाईटेक रक्षा उपकरण बनाने में इस्तेमाल होते हैं.
इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि भारत-अमेरिका के बीच एक ऐसा फ्रेमवर्क साइन कर रहे हैं, जिसका मकसद क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स की सप्लाई को सुरक्षित करना है. हमने इस पर क्वाड बैठक में भी चर्चा की. चाहे हम इसे दो देशों के बीच करें, क्वाड के जरिए करें या समान सोच वाले देशों के बड़े समूह के तौर पर, समय की जरूरत को देखते हुए यह जरूरी और अहम है.
उन्होंने बताया कि इस फ्रेमवर्क का मकसद पूरे सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाना है, जिसमें खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और इससे जुड़े निवेश शामिल हैं.अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि यह समझौता इसलिए किया गया है, क्योंकि India और अमेरिका का साझा रणनीतिक हित है.
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केआर/
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