
New Delhi, 13 अप्रैल . Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने Monday को एक सरकारी बैठक में कहा कि लड़ाई हर समय जारी है. हम ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाने के President ट्रंप के कड़े रुख का समर्थन करते हैं. हम अमेरिका के साथ लगातार तालमेल में हैं.
Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि रविवार को मैं लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र में था, हमारी सेनाओं के साथ, हमारे बेहतरीन रिजर्व सैनिकों और साहसी कमांडरों के साथ. वे वहां बहुत शानदार काम कर रहे हैं, बहुत मजबूत हौसले, बड़ी दृढ़ता और अहम सफलताओं के साथ, जिनकी निश्चित रूप से सराहना की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि सबसे पहली बात यह है कि वे दुश्मन को सीमा से दूर धकेल रहे हैं. हम सिर्फ पांच प्वाइंट्स की बात नहीं कर रहे हैं. हम एक गहरे और मजबूत सुरक्षा जोन की बात कर रहे हैं, जो घुसपैठ के खतरे को रोकता है और एंटी-टैंक मिसाइलों के खतरे को भी दूर करता है.
नेतन्याहू ने बताया कि वे उन गांवों से भी निपट रहे हैं, जो हमारी सीमा के पास थे, जहां से आतंक फैलाया जाता रहा है. अब उनको खत्म किया जा रहा है. मैं उत्तर के लोगों की सुरक्षा वापस लाने की जरूरत को लेकर बहुत प्रभावित हुआ. हमें उत्तर में सुरक्षा बहाल करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उत्तर के निवासियों को भी उतनी ही सुरक्षा मिले जितनी इजरायल के सभी नागरिकों को मिलती है. जब तक हम उनकी सुरक्षा बहाल नहीं कर लेते, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे.
उन्होंने कहा कि लड़ाई जारी है; यह रुकी नहीं है. यह लगातार चल रही है. कल और आज, लड़ाई बिंत जबील में केंद्रित थी. यह लेबनान से जुड़ा हिस्सा है. मैंने रविवार को अमेरिकी उपPresident जेडी वेंस से बात की. उन्होंने मुझे अपने विमान से फोन किया था, जब वे इस्लामाबाद से लौट रहे थे. उन्होंने मुझे विस्तार से बताया, इस मामले में बातचीत के टूटने के बारे में.
उन्होंने यह भी साफ किया कि President ट्रंप और अमेरिका के लिए सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि ईरान में मौजूद सभी संवर्धित सामग्री को हटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे आने वाले वर्षों में, बल्कि दशकों तक, ईरान में कोई भी यूरेनियम संवर्धन न हो. यही उनका मुख्य फोकस है, और यह हमारे लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. ईरान ने नियमों का उल्लंघन किया, इसलिए President ट्रंप ने उन पर नौसैनिक नाकेबंदी लगाने का फैसला किया. जाहिर है, हम इस कड़े रुख का समर्थन करते हैं, और हम अमेरिका के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए हैं.
नेतन्याहू ने बताया कि मैं होलोकॉस्ट के बचे हुए लोगों से भी मिला, जो आज मशालें जलाएंगे. उनकी कहानियां सुनकर मैं बहुत भावुक हो गया. यह असाधारण बहादुरी और हर मुश्किल के खिलाफ बचकर निकलने की कहानी है. आज इसे सुना जाना बहुत जरूरी है. तब और अब में बहुत बड़ा फर्क है. तब हम एक शिकार बने जानवर जैसे थे; हमारा शिकार किया जा रहा था. लेकिन आज हालात बदल गए हैं. अब हम अपने उत्पीड़कों का पीछा कर रहे हैं. जिन्होंने हमें खत्म करने की कोशिश की थी, वे अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं.
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एवाई/एबीएम
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