
New Delhi, 18 जून . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने Thursday को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, नशीले पदार्थों और गैर कानूनी ड्रग्स से बचाने समेत सीमा सुरक्षा जैसे अन्य मुद्दों पर बातचीत की.
अमेरिकी राजदूत ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “गृह मंत्री अमित शाह के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई. आतंकवाद से लड़ने, अपने लोगों को नशीले पदार्थों और गैर-कानूनी ड्रग्स से बचाने, अपनी सीमा को सुरक्षित करने और दोनों देशों में मिलकर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए मिलकर काम करने पर हमारी अच्छी चर्चा हुई.”
बता दें, फ्रांस में जी-7 सम्मेलन से इतर India के Prime Minister Narendra Modi और अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप की द्विपक्षीय बैठक के बाद गोर ने गृह मंत्री शाह से मुलाकात की है. गोर Thursday को फ्रांस से India लौटे हैं.
पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात को लेकर अमेरिकी राजदूत ने लिखा, “President ट्रंप और Prime Minister मोदी के बीच एक बहुत ही फायदेमंद द्विपक्षीय मीटिंग हुई. दोनों नेताओं ने जी7 समिट के दौरान व्यापार क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर अहम बातचीत की.”
बता दें, Prime Minister मोदी और अमेरिकी President ने India और अमेरिका के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और दोनों देशों के नागरिकों के आपसी संबंधों में हो रही निरंतर प्रगति की समीक्षा की. पीएम मोदी ने कहा कि India पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बहुत जरूरी है.
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस क्षेत्र में आम लोगों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. पीएम मोदी और President ट्रंप की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका संबंधों में रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है.
दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है. साथ ही, बाजार तक पहुंच से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और नई तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम चल रहा है. ऊर्जा सुरक्षा भी भारत-अमेरिका साझेदारी का एक अहम हिस्सा है. India अपने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता ला रहा है और अमेरिका एक महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रदाता के रूप में उभरा है.
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के संबंध मजबूत हुए हैं. संयुक्त सैन्य अभ्यास, तकनीक का आदान-प्रदान और रक्षा खरीद समझौतों ने आपसी भरोसा बढ़ाया है.
–
एएस
Skip to content