गुजरात के शहरी स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए मिला 3,850 करोड़ का अनुदान

गांधीनगर, 11 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Tuesday को गांधीनगर में आयोजित समारोह में राज्य के नगर निगमों और नगर पालिकाओं को कुल 3,850 करोड़ रुपये के विकास अनुदान वितरित किए.

इस आयोजन के दौरान ‘स्वर्णिम जयंती Chief Minister शहरी विकास योजना’ के तहत 17 नगर निगमों को 2,992 करोड़ रुपये और 152 नगर पालिकाओं को 858 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.

शहरी विकास एवं वित्त मंत्री कानू देसाई, कृषि मंत्री जीतू वाघानी, शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला और उप सचेतक जगदीश मकवाना की उपस्थिति में चेक वितरित किए गए.

सभी नगर निगमों में Ahmedabad नगर निगम को सबसे अधिक 870 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ, उसके बाद सूरत को 770 करोड़ रुपये का आवंटन मिला.

वडोदरा को 285 करोड़ रुपये, राजकोट को 232 करोड़ रुपये जबकि भावनगर और जामनगर को 105 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. जूनागढ़ और गांधीनगर को 65 करोड़ रुपये मिले.

गांधीधाम, नवसारी, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर, मेहसाणा, वापी, नडियाद, आनंद और मोरबी प्रत्येक को 55 करोड़ रुपये मिले.

नगर पालिकाओं में से 41 ‘क्लास ए’ नगर पालिकाओं को 307.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जबकि 34 ‘क्लास बी’ नगर पालिकाओं को 221 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.

इसके अतिरिक्त 270 करोड़ रुपये 60 ‘क्लास सी’ नगर पालिकाओं को और 59.50 करोड़ रुपये 17 ‘क्लास डी’ नगर पालिकाओं को आवंटित किए गए.

सभा को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि इन अनुदानों का उद्देश्य व्यापक शहरी विकास को समर्थन देना और सार्वजनिक सुविधाओं और सेवाओं में सुधार करना है.

उन्होंने नागरिक सेवाओं को “नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी, जवाबदेह और प्रौद्योगिकी-संचालित” बनाने का आह्वान किया. पटेल ने कहा कि लोग जनहित के कार्यों के प्रभाव को देख पा रहे हैं और जीवन स्तर में सुधार से आगे के विकास की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

Chief Minister ने नगर निगम और नगर पालिका के पदाधिकारियों, आयुक्तों और मुख्य अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि निधि का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाए.

उन्होंने कहा, “Prime Minister मोदी ने 2005 में ‘शहरी विकास वर्ष’ मनाने सहित शहरों के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करके शहरी विकास की एक मजबूत नींव रखी थी. Gujarat ने तब से व्यापक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उस नींव को आगे बढ़ाया है.”

शहरी विकास मंत्री कानू देसाई ने कहा कि राज्य को जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए शहरी अवसंरचना की योजना बनानी चाहिए. उन्होंने स्वच्छ और हरित शहरों का आह्वान किया और कहा कि ‘स्वच्छता अभियान’ को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाया जाना चाहिए.

वाघेला ने कहा कि शहरी विकास के लिए शुरू की गई अनुदान आवंटन की परंपरा का उद्देश्य शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना था. उन्होंने कहा, “‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना से जुड़े प्रयासों के तहत स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों के लिए स्वदेशी मेलों और ठोस अपशिष्ट निपटान के लिए क्षेत्रवार कार्यशालाओं की योजना बनाई गई थी.”

समारोह के दौरान Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने दो कॉफी टेबल पुस्तकों का विमोचन किया, जिनका नाम है “शहरी विकास के 20 वर्ष” और “अनंत अनादि वड़नगर: विरासत के माध्यम से विकास की एक गौरवशाली गाथा”.

इस दौरान गांधीनगर की महापौर मीरा पटेल, प्रधान सचिव (शहरी विकास) एम. थेन्नारसन, Gujarat शहरी विकास कंपनी की प्रबंध निदेशक रम्या मोहन, Gujarat नगर वित्त बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीना पटेल और अन्य अधिकारी, निर्वाचित प्रतिनिधि, नगर आयुक्त, अध्यक्ष और मुख्य अधिकारी उपस्थित थे.

एसएचके/पीएम