
तिरुवनंतपुरम, 4 जून . केरल की वित्तीय स्थिति पर तैयार किए गए श्वेत पत्र को लेकर Thursday को विधानसभा में Chief Minister वी.डी. सतीशन और विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के बीच तीखी बहस देखने को मिली.
विवाद तब शुरू हुआ, जब पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि यह श्वेत पत्र वित्त विभाग ने तैयार नहीं किया है, बल्कि यह एक Political दस्तावेज है. विजयन की यह टिप्पणी उस बयान के बाद आई, जिसमें Chief Minister सतीशन ने कहा था कि पहले जारी किए गए कई श्वेत पत्रों में भी Political पहलू शामिल रहे हैं.
विजयन ने कहा कि Government को यह उम्मीद करने का कोई अधिकार नहीं है कि विपक्ष भी उसी तरीके का पालन करे, जैसा वह करती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि श्वेत पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है. यह आपकी नीति का पालन करने का मामला नहीं है. सवाल यह है कि क्या निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं.
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्ष के नेता को जवाब देते हुए Chief Minister ने कहा कि विजयन की टिप्पणियां Political हैं और उन्होंने श्वेत पत्र को पूरी तरह पढ़े बिना ही उसकी आलोचना कर दी.
वी.डी. सतीशन ने कहा, “विपक्ष के नेता ने पहले से ही अपनी राय बना ली है. हमारा काम करने का तरीका अलग है.” उन्होंने विजयन से श्वेत पत्र को पढ़ने की अपील की.
इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने भी श्वेत पत्र पर आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि इसे तैयार करने के दौरान सरकारी दस्तावेज बाहरी लोगों के साथ साझा किए गए.
बालगोपाल ने कहा कि यह स्थापित प्रक्रियाओं के खिलाफ है और वित्तीय मामलों से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को इस तरह से संभाला नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वित्त विभाग को अपने अधिकारियों से चर्चा कर स्वयं यह दस्तावेज तैयार करना चाहिए था और इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की.
इन आरोपों का जवाब देते हुए Chief Minister ने कहा कि किसी भी तरह की गोपनीयता का उल्लंघन नहीं हुआ है और कोई भी गोपनीय दस्तावेज लीक नहीं किया गया.
उन्होंने कहा, “ये सभी दस्तावेज पहले से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. रिपोर्ट वित्त विभाग के नेतृत्व में तैयार की गई और मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी है. विश्लेषण के लिए केवल विशेषज्ञों की सहायता ली गई थी.”
Chief Minister ने कहा कि यह श्वेत पत्र केरल की वित्तीय स्थिति का आकलन है, न कि कोई Political दस्तावेज.
उन्होंने कहा, “हमारे सामने असली सवाल यह है कि केरल की आर्थिक स्थिति क्या है. पहले जारी किए गए कई श्वेत पत्रों में Political बातें हो सकती हैं, लेकिन यह दस्तावेज Political नहीं है.”
श्वेत पत्र को लेकर हुई यह तीखी बहस विधानसभा सत्र के दौरान Government और विपक्ष के बीच पहली बड़ी टक्कर मानी जा रही है. इसने राज्य के वित्तीय संकट के मुद्दे को Political बहस का विषय बना दिया है.
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एएमटी/
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