दिल्ली विधानसभा में साइकिल घोटाले को लेकर हंगामा, ‘आप’ विधायकों को सदन से बाहर निकालने पर सियासत तेज

New Delhi, 10 अगस्त . दिल्ली विधानसभा में Monday को स्कूली बच्चों को दी जाने वाली साइकिलों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला. आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कथित ‘साइकिल घोटाले’ पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग की. इस दौरान सदन की कार्यवाही के बीच ‘आप’ विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. चर्चा की अनुमति नहीं मिलने और विरोध करने पर कुछ ‘आप’ विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने Government और विधानसभा अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए.

‘आप’ विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा ने आरोप लगाया कि इस Government में लगातार घोटाले हो रहे हैं और विधानसभा अध्यक्ष इन मामलों पर चर्चा कराने के बजाय Government का बचाव कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन पहले प्रश्नकाल नहीं रखा गया और अब विपक्ष को किसी मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सदन में विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलेगा तो Government से जवाब कैसे मांगा जाएगा.

संजीव झा ने आरोप लगाया कि स्कूली बच्चों को दी जा रही साइकिलों की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है. उनके मुताबिक, जिस साइकिल की कीमत करीब 4 हजार रुपये है, उसे Government लगभग 7 हजार रुपए में खरीदकर बच्चों को दे रही है. उन्होंने दावा किया कि करीब 1 लाख 30 हजार साइकिलों की खरीद में प्रति साइकिल लगभग 3 हजार रुपये का अंतर है और इससे करीब 70 करोड़ रुपए की कथित कमीशनखोरी या वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आता है.

उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि साइकिल निर्माता कंपनी हीरो ने भी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था, लेकिन उसे टेंडर नहीं मिला. इसके बजाय एक व्यापारी को ठेका दिया गया. संजीव झा ने सवाल किया कि जब कोई कंपनी सीधे साइकिल का निर्माण करती है तो उसके मुकाबले एक व्यापारी किस तरह सस्ता टेंडर दे सकता है और फिर भी उसे काम मिल जाता है.

‘आप’ नेता ने यह भी दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल एक बोलीदाता ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सी ) में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि शिकायत में टेंडर की तय राशि को ही गलत बताया गया था. संजीव झा के मुताबिक, टेंडर जारी होने से पहले प्री-बिड मीटिंग भी नहीं हुई, जबकि ऐसी बैठक में संभावित बोलीदाता कीमत और टेंडर की शर्तों को लेकर अपनी आपत्तियां या सुझाव रखते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्री-बिड मीटिंग नहीं होना पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है. संजीव झा ने कहा कि ‘आप’ विधायकों ने विधानसभा में नियम 55 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी. उनका आरोप है कि विधायक कुलदीप कुमार, सोमदत्त और प्रेम चौहान समेत कई विधायक इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया और विरोध करने पर सदन से बाहर कर दिया गया.

वहीं, तिलक नगर से ‘आप’ विधायक जरनैल सिंह ने भी Government पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूली बच्चों को मिलने वाली साइकिलों की खरीद में Government ने बाजार मूल्य से काफी अधिक कीमत चुकाई है. उन्होंने कहा कि आम बाजार में करीब 4 हजार रुपए में मिलने वाली साइकिल को लगभग 7 हजार रुपए में खरीदा जाना गंभीर सवाल खड़े करता है.

जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि Government ने साइकिल निर्माता से सीधे खरीद करने के बजाय एक डीलर के माध्यम से खरीद की, जिससे कीमत बढ़ने की आशंका है. जरनैल सिंह ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कथित अनियमितताओं के बावजूद ईडी, Police या सीबीआई की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.

उन्होंने Government पर भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की जनता अब अपने फैसले पर पछता रही है. ‘आप’ नेताओं ने मांग की कि साइकिल खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो.

पीकेटी/डीकेपी