राज्यसभा में हंगामा जारी, फिर नहीं चल सका प्रश्नकाल

New Delhi, 4 अगस्त . Tuesday को भी राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई. सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ ही देर बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया. इसे देखते हुए सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया था. हालांकि 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी सदन में गतिरोध बरकरार रहा.

12 बजे राज्यसभा में प्रश्नकाल शुरू हुआ. कुछ सांसदों ने अपने प्रश्न पूछे और भारी हंगामे के बीच मंत्रियों ने उत्तर भी दिए. लेकिन जल्द ही हंगामा इतना बढ़ गया कि प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी और सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गया.

दरअसल, 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जबरदस्त नारेबाजी की. बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए और नारेबाजी करने लगे. हंगामा कर रहे सांसदों से सभापति सीपी राधाकृष्णन ने वापस अपनी सीटों पर लौटने को कहा, लेकिन ये सांसद अपनी मांगों को लेकर लगातार नारे लगाते रहे. इसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

इससे पहले सुबह 11 बजे शून्यकाल की कार्यवाही भी इसी तरह बाधित हुई थी. शून्य काल में भी केवल कुछ ही सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिला. इसके उपरांत सदन में जबरदस्त नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया, जिसको देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 12 तक के लिए स्थगित की गई थी. हालांकि 12 बजे भी यही स्थिति बनी रही और सदन की कार्यवाही को एक बार फिर स्थगित करना पड़ा.

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों यानी Lok Sabha और राज्यसभा यही स्थिति बनी हुई है. दोनों सदनों में प्रश्नकाल की कार्यवाही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रही है. Tuesday को यहां Lok Sabha में भी सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.

Tuesday को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए. उनके वक्तव्य के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शोर-शराबा बढ़ गया. हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में Monday को भी यही स्थिति रही. विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के समीप आ गए और नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे. हालांकि, सभापति ने विपक्ष की यह मांग पहले ही अस्वीकार कर दी थी.

Monday को भी उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस स्वीकार नहीं किए गए हैं. कई सांसद हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए थे. इस पर सभापति ने नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा कि यह नियमों का उल्लंघन है, लेकिन विरोध जारी रहा.

जीसीबी/एसके