मेरठ, 31 मार्च . यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मोदी की गारंटी का मतलब 12 करोड़ किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि, 4 करोड़ गरीबों को आवास, 10 करोड़ गरीबों के घर में रसोई गैस का सिलेंडर, 12 करोड़ के घरों में शौचालय की व्यवस्था, 80 करोड़ गरीबों को फ्री राशन, 60 करोड़ गरीबों को 5 लाख की स्वास्थ्य बीमा का कवर है.

मोदी की गारंटी के कारण यह देश एक स्वर में बोल रहा है कि फिर एक बार मोदी सरकार. यही मोदी की गारंटी है, जो कहते हैं, वो करके रहते हैं. मोदी की गारंटी पर यूपी को यकीन और भारत को भरोसा है, क्योंकि मोदी केवल सपने नहीं बुनते, हकीकत बुनते हैं, इसीलिए लोग बार-बार मोदी जी को चुनते हैं.

उन्होंने लोकसभा चुनाव के चुनावी रण में रविवार को मेरठ में भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनसमर्थन की अपील की. सीएम योगी ने मेरठ से भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल, कैराना से प्रदीप चौधरी, मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान, बिजनौर से एनडीए प्रत्याशी चंदन चौहान, बागपत से राजकुमार सांगवान को जिताने की अपील की.

सीएम योगी ने कहा कि इस क्षेत्र में 10 वर्ष के अंदर काफी परिवर्तन हुआ है. कांग्रेस और सपा सरकारों के समय इस क्षेत्र ने दंगा पॉलिसी और कर्फ्यू की यातनाओं को झेला है. जब भी समाज को जाति और परिवारवादियों के माध्यम से बांटने की चेष्टा होगी तो उसका फायदा उठाकर दंगावादी-कर्फ्यूवादी लोग न केवल आजीविका पर प्रहार करेंगे, बेटियों-व्यापारियों की सुरक्षा पर प्रहार करेंगे, बल्कि विकास को बाधित करने का भी प्रयास करेंगे. आज एक तरफ भाजपा और सहयोगी दल पीएम मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करते हुए पूरी मुस्तैदी और मजबूती के साथ कार्य कर रहे हैं तो दूसरी तरफ विभाजनकारी ताकतें परिवारवाद और जातिवाद के आधार पर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का कार्य कर रही हैं.

सीएम योगी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ चुनाव नहीं है, बल्कि उन लोगों को फिर से सही जगह दिखाने का है, जिन लोगों ने सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास किया है. यह चुनाव फैमिली फर्स्ट बनाम नेशन फर्स्ट, माफियाराज बनाम कानूनराज, भ्रष्टाचार बनाम जीरो टॉलरेंस, तुष्टिकरण बनाम सबका साथ-सबका विकास, स्वार्थ के परिवार बनाम मोदी के परिवार, जातिवाद बनाम गरीब कल्याण के बीच का है. एक तरफ विकास को लेकर चलने वाली सरकार है तो दूसरी तरफ हजार षड्यंत्र करने वाले नापाक गठबंधन के लोग तमाम तरह के भ्रम की आवाज पैदा कर रहे हैं. हमें तय करना है कि हमें कर्फ्यू चाहिए या कांवड़ यात्रा.

विकेटी/एबीएम